Headlines

किन्नौर में 7 दिवसीय फुलैच मेला आज से:मंदिर में फूल पहुंचने पर शुरू होगी पूजा; देव परंपरा की दिखेगी अनोखी झलक




किन्नौर जिले में फूलों के उत्सव के रूप में प्रसिद्ध ऐतिहासिक फुलैच (उख्यांग) मेला आज से रूपी वैली में शुरू होगा। 7 दिवसीय यह मेला श्री महादेव टेरस नारायण जी के सान्निध्य में आयोजित किया जाएगा। इसे लेकर स्थानीय ग्रामीणों में खासा उत्साह है। फुलैच को स्थानीय भाषा में उख्यांग भी कहते हैं, जिसका अर्थ फूलों का उत्सव है। इस सदियों पुरानी परंपरा के तहत ग्रामीण ऊंची हिमालयी पहाड़ियों पर जाकर ब्रह्मकमल सहित विभिन्न अल्पाइन फूल एकत्र करते हैं। इन फूलों को देवताओं को अर्पित किया जाता है। मंदिर में फूल पहुंचने के बाद देवता और लामा द्वारा विशेष पूजा-अर्चना की जाती है, जिसके बाद इन्हें देव प्रसाद के रूप में ग्रामीणों में बांटा जाता है। मेले से जुड़ी मान्यता के अनुसार, प्राचीन समय में आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण लोग अपने पितरों की आत्मा की शांति के लिए दूर के तीर्थस्थलों पर नहीं जा पाते थे। ऐसे में ग्रामीण अपने इष्ट देवी-देवताओं और लामाओं के साथ ऊंचे पहाड़ों पर जाकर पूजा-अर्चना करते थे। इसी परंपरा ने बाद में फुलैच मेले का रूप लिया। पूजा के बाद ग्रामीण पारंपरिक वाद्य यंत्रों की थाप पर सामूहिक नृत्य और मनोरंजन भी करते हैं। इस वर्ष मेले का विशेष आकर्षण जिला शिमला के सुरु गांव से श्री महादेव के छोटे भाई सुरु टेरस नारायण जी की उपस्थिति है। तीन साल बाद सुरु टेरस नारायण जी मेले में शिरकत करेंगे। आज शाम करीब 7 बजे नारायण मंदिर हुरवा में उनके पहुंचने की पारंपरिक प्रक्रिया संपन्न होगी। ग्रामीण पारंपरिक वाद्य यंत्रों की थाप करेंगे डांस कल कंडे से भेड़पालक ऊंचे हिमालयी क्षेत्रों से ब्रह्मकमल सहित विभिन्न फूल लेकर रूपी पहुंचेंगे। इसके बाद ग्रामीण पारंपरिक वाद्य यंत्रों की थाप पर नाचते-गाते हुए इन फूलों को श्री महादेव को अर्पित करेंगे। यह दृश्य रूपी फुलयाच मेले का प्रमुख आकर्षण रहेगा। देव परंपरा किन्नौर की समृद्ध संस्कृति की झलक मान्यता है कि रूपी वैली में फुलयाच मेले के आगाज के बाद ही किन्नौर के अन्य क्षेत्रों में इस ऐतिहासिक मेले की शुरुआत होती है। रूपी से शुरू होने वाली यह सदियों पुरानी देव परंपरा किन्नौर की समृद्ध संस्कृति, प्रकृति के प्रति आस्था और पूर्वजों के प्रति श्रद्धा का प्रतीक है। इसके बाद गांवों में फुलयाच मेले का आयोजन शुरू होगा।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *