Headlines

कुडू में बन रहा 100 बेड का अस्पताल 17 साल से अधूरा, भवन जर्जर हो गया




जिले के कुडू प्रखंडवासियों का स्वास्थ्य सुविधा मिलने का सपना अब सपना ही बनकर रह गया है। लोहरदगा, कुडू एनएच 143ए से सटे प्रखंड में पिछले 17 वर्षों से निर्माणाधीन अस्पताल भवन अधूरा पड़ा है। नतीजा प्रखंड के लोगों को छोटी मोटी बीमारी के इलाज के लिए भी ज्यादा पैसा और ज्यादा समय लगाकर लोहरदगा या फिर रांची जाने को बेबस है। यही नहीं अस्पताल भवन को पूर्ण कराने में लोहरदगा के सांसद सुखदेव भगत, पूर्व सांसद सुदर्शन भगत, विधायक रामेश्वर उरांव, पूर्व विधायक स्व केके भगत, आजसू नेत्री नीरू शांति भगत सहित जिले में विकास का दावा ठोकने वाले जिला प्रशासन के कई महत्वपूर्ण विभागों के अधिकारियों की मौजूद फौज के बाद भी प्रखंड में बेहतर चिकित्सा के लिए लोग तरस रहे है। अस्पताल के निर्माण कार्य को पूर्ण कराने में ये सभी महारथी अभी तक फेल साबित हुए है। राजनीतिक दलों के नेता स्थानीय जनप्रतिनिधि और जिला प्रशासन के अधिकारियों के उदासीन रवैये के कारण कुडू लोहरदगा मुख्य पथ पर ब्लॉक चौक के पास करोड़ों रुपए की प्राक्कलित राशि से निर्माणाधीन 100 शैया का अस्पताल पिछले 17 वर्षों से अधूरा पड़ा है। रेफरल अस्पताल अधूरा होने के कारण जर्जर होकर भूत बंगला में तब्दील हो गया है। भवन जर्जर हो चुका है। भवन में लगे खिड़की दरवाजे गायब हो चुके है। यही नहीं अस्पताल निर्माण कार्य पूरा नहीं होना इंजीनियरों और अफसरों की लापरवाही का बड़ा उदाहरण बन चुका है। अगर अस्पताल निर्माण समय से पूर्ण हो जाता तो प्रखंड के 65 गांवों के 75 हजार की आबादी को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिल पाती। मामले पर सीएस डॉ राजू कच्छप का कहना है कि उच्चाधिकारियों को मामले की जानकारी है। जबतक आगे की प्रकिया नहीं अपनाई जाती अस्पताल प्रबंधन आगे कुछ नहीं कर सकेगा। डेढ़ करोड़ खर्च होने के बाद स्वास्थ विभाग जगा। एक साल के बाद अस्पताल निर्माण में बाकी बचे कार्य के लिए 2 करोड़ 16 लाख का प्राक्कलित राशि से बिना प्रशासनिक स्वीकृति और चीफ इंजीनियर के बिना टेक्निकल स्वीकृति के बिना निविदा निकाल दी गई। निविदा रांची की वृंदावन कंस्ट्रक्शन को मिली। कंस्ट्रक्शन कंपनी ने कार्य शुरू कराया। जिसमें 2 करोड़ सोलह लाख में 75 लाख रुपए कंपनी के खाते में आए। जो खर्च हो गए। जिसके बाद कंपनी ने कार्य जारी रखा, लेकिन पैसा नहीं आने की वजह से कम्पनी ने हाथ खड़े कर कार्य को बंद कर दिया जो पिछले दस वर्षों से बंद है। वर्ष 2008 के तत्कालीन कांग्रेस विधायक सुखदेव भगत व तत्कालीन सांसद रामेश्वर उरांव ने 3 करोड़ 56 लाख की प्राक्कलित राशि से अस्पताल निर्माण कार्य का शिलान्यास किया था। उस समय ग्रामीण विकास विशेष प्रमण्डल लोहरदगा कार्यान्वन एजेंसी था। अस्पताल निर्माण कार्य में आठ डॉक्टर क्वार्टर,12 नर्स क्वार्टर, फोर्थ ग्रेड कर्मचारियों के लिए 12 क्वार्टर, 2 एम्बुलेंस शेड, ओपीडी 2, एक जेनरेटर रूम का निर्माण करना था। विभाग के द्वारा कार्य में शुरू जमकर धांधली की गई। जिसमें लगभग डेढ़ करोड़ रुपए खर्च हो गए। अस्पताल अधूरा निर्माण कर छोड़ दिया गया और निर्माण कार्य बंद कर दिया गया।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *