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कुरुक्षेत्र सरकारी अस्पताल रेप केस- गवाही पर लगा ब्रेक:मेडिकल करने वाले डॉक्टर कोर्ट पहुंचे, नहीं हुए बयान, अब 2 सितंबर को सुनवाई




कुरुक्षेत्र के लोकनायक जयप्रकाश (LNJP) सिविल अस्पताल में 15 साल की नाबालिग से रेप के आरोप का सामना कर रहे रिटायर्ड CMO डॉ. शैलेंद्र शैली के मामले में कोर्ट में गवाही नहीं हो सकी। पीड़िता का मेडिकल करने वाले डॉक्टर और दूसरे गवाह कोर्ट पहुंचे थे, लेकिन केस से जुड़ी मेडिकल रिपोर्ट और जरूरी कागज पूरे नहीं होने के कारण बयान नहीं हुए। मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में चल रही है। कोर्ट ने संबंधित कागज पेश करने के आदेश दिए हैं। अब 2 सितंबर को फिर सुनवाई होगी। उम्मीद है कि उस दिन मेडिकल बोर्ड में शामिल डॉक्टरों और दूसरे गवाहों के बयान दर्ज हो सकेंगे। मामला गवाही तक पहुंच चुका है। मेडिकल करने वाले डॉक्टरों के होने थे बयान कल मंगलवार को कोर्ट में पीड़िता का मेडिकल करने वाले बोर्ड के डॉक्टरों की गवाही होनी थी। इनके अलावा केस से जुड़े दूसरे गवाह भी पहुंचे थे। गवाही शुरू होने से पहले मेडिकल से जुड़ी रिपोर्ट और कुछ जरूरी कागज कोर्ट में नहीं होने की बात सामने आई। इसके बाद कोर्ट ने ये कागज पेश करने के आदेश दिए। कागज नहीं होने के कारण गवाही की कार्रवाई आगे नहीं बढ़ी। पुलिस ने केस में बनाए 30 गवाह पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद कोर्ट में 250 से ज्यादा पेज की चार्जशीट दाखिल की है। इसमें 30 गवाह बनाए गए हैं। इनमें जांच करने वाले पुलिस अधिकारियों और दूसरे पुलिसकर्मियों के अलावा पीड़िता के परिवार के लोग तथा अस्पताल के डॉक्टर और नर्स शामिल हैं। इलाज के लिए अस्पताल आई थी नाबालिग पेट दर्द की शिकायत होने पर नाबालिग अपने परिवार के साथ LNJP अस्पताल आई थी। आरोप के मुताबिक, इलाज के दौरान डॉक्टर ने उसके साथ अपनी 426 नंबर की OPD में मल्टीपल सेक्सुअल असॉल्ट (रेप) किया। घटना 29 मई को हुई थी। इसके बाद आरोपी डॉक्टर शैली ने ब्लीडिंग होने पर पीड़िता को फीमेल वार्ड में भर्ती कर दिया था। केस दर्ज करने के बाद आरोपी गिरफ्तार शिकायत मिलने पर थाना केयूके पुलिस ने डॉक्टर के खिलाफ केस दर्ज किया। पुलिस ने नाबालिग के बयान दर्ज किए, उसका मेडिकल कराया और जांच के दौरान दूसरे सबूत जुटाए। इसके बाद आरोपी डॉक्टर को गिरफ्तार कर लिया गया। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी। अब केस की सुनवाई गवाहों के बयान के चरण में है। डॉक्टर पर पहले भी लगा था आरोप डॉ. शैलेंद्र शैली का नाम इससे पहले भी एक महिला से जुड़े यौन अपराध के मामले में सामने आ चुका है। उस मामले में भी पुलिस कार्रवाई हुई थी। बाद में अदालत में उस केस का फैसला डॉक्टर के पक्ष में हुआ था। इस पुराने मामले के चलते नाबालिग से जुड़े मौजूदा केस के बाद डॉक्टर की दोबारा नियुक्ति को लेकर भी सवाल उठे थे। महिला आयोग ने डॉक्टर की नियुक्ति और पुराने केस से जुड़ी जानकारी स्वास्थ्य विभाग से मांगी थी। 31 मई को स्वास्थ्य विभाग ने आरोपी डॉक्टर की सेवाएं समाप्त कर दी थी। एक जून को पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर बाजार में घुमाया था। आरोपी ने घटना के बाद माफी भी मांगी थी।



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