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कौमी इंसाफ मोर्चे के घेराव के ऐलान पर हाईकोर्ट सख्त:आज चंडीगढ़ में कड़ी सुरक्षा, गवर्नर हाउस की तरफ जाने वाले रास्तों पर नजर




कौमी इंसाफ मोर्चे की ओर से 15 अगस्त को पंजाब गवर्नर हाउस के घेराव के ऐलान के बाद चंडीगढ़ में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। मोर्चे के समर्थकों के पहुंचने की आशंका को देखते हुए शहर की सीमाओं पर पुलिस ने नाकेबंदी बढ़ा दी है। चंडीगढ़ में प्रवेश करने वाले वाहनों की जांच की जा रही है और संवेदनशील स्थानों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। इस मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई थी। एक्टिंग चीफ जस्टिस अश्वनी मिश्रा और जस्टिस रोहित कपूर की बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना हर व्यक्ति का अधिकार है, लेकिन कानून-व्यवस्था बिगाड़ने या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। गवर्नर हाउस की तरफ जाने वाले रास्तों पर नजर मोर्चे के आज चंडीगढ़ पहुंचने की संभावना को देखते हुए पुलिस ने गवर्नर हाउस और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी है। शहर की सीमाओं और प्रमुख प्रवेश मार्गों पर पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। संदिग्ध वाहनों और लोगों की जांच की जा रही है। पुलिस का मुख्य फोकस प्रदर्शनकारियों की भीड़ को एक साथ शहर में दाखिल होने और गवर्नर हाउस की ओर बढ़ने से रोकना है। हाईकोर्ट में याचिका दायर कर जताई आशंका याचिकाकर्ता विवेक सिंगला ने हाई कोर्ट में दायर याचिका में आशंका जताई थी कि कौमी इंसाफ मोर्चे के समर्थक बड़ी संख्या में चंडीगढ़ में प्रवेश कर सकते हैं। इसके बाद गवर्नर हाउस का घेराव करने की कोशिश की जा सकती है, जिससे शहर की कानून व्यवस्था प्रभावित होने के साथ-साथ यातायात व्यवस्था भी बिगड़ सकती है। याचिका में कहा गया कि बड़ी संख्या में लोगों के एक जगह जमा होने से सड़कें जाम हो सकती हैं। आपातकालीन सेवाओं के आवागमन में भी परेशानी आ सकती है। याचिकाकर्ता ने हिंसक घटना की आशंका भी जताई और हरियाणा के अंबाला में हुई हालिया घटना का हवाला देते हुए स्वतंत्रता दिवस के दौरान अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की जरूरत बताई। शांतिपूर्ण प्रदर्शन अधिकार, लेकिन कानून व्यवस्था जरूरी सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना नागरिकों का अधिकार है। अदालत इस अधिकार के खिलाफ नहीं है, लेकिन प्रशासन की जिम्मेदारी है कि प्रदर्शन के दौरान कानून व्यवस्था बनी रहे। किसी भी स्थिति में सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान नहीं होना चाहिए। अदालत ने चंडीगढ़ प्रशासन और पंजाब सरकार को निर्देश दिए कि प्रदर्शन के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। साथ ही सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा और आम लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो, यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। 20 अगस्त को फिर होगी सुनवाई हाई कोर्ट ने चंडीगढ़ प्रशासन और पंजाब सरकार से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है। रिपोर्ट में यह बताना होगा कि प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने क्या-क्या सुरक्षा इंतजाम किए हैं और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए किस तरह की व्यवस्था की गई है। मामले की अगली सुनवाई 20 अगस्त को होगी। उस दिन प्रशासन और सरकार की ओर से सुरक्षा व्यवस्था तथा प्रदर्शन के दौरान उठाए गए कदमों की जानकारी अदालत के सामने रखी जाएगी। आज शहर में कई जगह पुलिस का पहरा कौमी इंसाफ मोर्चे के आज चंडीगढ़ पहुंचने के ऐलान के बाद पुलिस ने शहर के प्रवेश मार्गों पर निगरानी बढ़ा दी है। पंजाब की ओर से चंडीगढ़ आने वाले रास्तों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। वाहनों की जांच की जा रही है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार प्राथमिकता स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना है। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने के अधिकार का सम्मान किया जाएगा, लेकिन कानून-व्यवस्था बिगाड़ने या सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की कोशिश पर कार्रवाई की जा सकती है।



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