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बुधवार को समर्थ किसान पार्टी (सकिपा) ने सिराथू तहसील परिसर में प्रदर्शन किया। पार्टी ने जनहित और किसान हित से जुड़ी कई समस्याओं को उठाया। इस दौरान नारेबाजी भी की गई। पार्टी जिलाध्यक्ष मुन्ना लाल तिवारी की अगुवाई में उपजिलाधिकारी सिराथू प्रमेश श्रीवास्तव को एक पांच सूत्रीय ज्ञापन सौंपा गया। यह ज्ञापन जिलाधिकारी कौशांबी को संबोधित था। ज्ञापन में कई मांगें शामिल थीं। इनमें सिराथू तहसील के घाटमपुर, देवखरपुर, कुरामुरीदन, कछुआ और कमालपुर समेत सभी बिजली उपकेंद्रों से शाम और रात की बिजली कटौती बंद करने की मांग की गई। पार्टी ने रोस्टर के हिसाब से 22 घंटे बिजली सप्लाई सुनिश्चित करने को कहा। गंगा नदी किनारे बसे तरसौरा, परसखी और सुखऊ का पुरवा जैसे गांवों में बाढ़ से फसलें बर्बाद हो गई हैं। सकिपा ने सक्षम अधिकारियों से इन फसलों का मौका मुआयना कर किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग की। मोंगरी के ताल में जलभराव से प्रभावित फसलों का सर्वे कराकर किसानों को मुआवजा देने की भी बात कही गई। इसके अलावा, सिराथू से रामसहयपुर पैईशा मार्ग और धाता से जुवरा नारा टेंवा के जर्जर मार्गों की मरम्मत कराने की मांग भी की गई। भारी बारिश से गिरे गरीब लोगों के घरों का सर्वे कराकर उन्हें आवासीय सुविधा प्रदान करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल थी। इस मौके पर पार्टी जिलाध्यक्ष मुन्ना लाल तिवारी ने कहा कि गंगा किनारे के गांवों में बाढ़ से फसलों को बहुत नुकसान हुआ है। उन्होंने सक्षम अधिकारियों से मौका मुआयना कर किसानों को पर्याप्त मुआवजा देने की मांग की। तिवारी ने यह भी कहा कि प्रशासन किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं कर रहा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उपजिलाधिकारी सिराथू ने ज्ञापन स्वीकार कर सभी मांगों पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इस दौरान अजय सोनी, प्रेमचंद्र केसरवानी, मुन्ना पटेल, सत्यम मिश्र, बबलू केसरवानी, इंद्रजीत यादव, श्याम लाल पाल एडवोकेट, गुलाब सिंह एडवोकेट, बसंत सिंह एडवोकेट और जुम्मन अली समेत कई लोग मौजूद रहे।
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कौशांबी में सकिपा ने बिजली कटौती, जर्जर सड़कों पर प्रदर्शन:फसल मुआवजे और टूटे घरों के लिए उपजिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन
