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मेरठ में मंगलवार देर रात संपन्न हुई क्राइम मीटिंग में लापरवाह पुलिसकर्मी एडीजी मेरठ जोन भानु भास्कर के निशाने पर रहे। एडीजी ने कहा कि काम के प्रति गंभीरता ना दिखाने वाले संभल जाएं। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक के दौरान लंबित विवेचनाओं, साइबर अपराध, महिला संबंधी अपराध और लंबित मामलों के निस्तारण का मुद्दा गर्माया रहा। डीआईजी रेंज कलानिधि नैथानी व एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति भी इस दौरान मौजूद रहे। दो तस्वीरें देखें… पुलिस लाइन स्थित ICCC में क्राइम मीटिंग का आयोजन किया गया था, जिसमें सभी एएसपी, डिप्टी एसपी, थाना प्रभारी, थानाध्यक्ष, इंस्पेक्टर और चौकी इंचार्ज मौजूद रहे। शुरुआत लंबित विवेचनाओं से की गई। पहले सर्किल और फिर थाना स्तर पर लंबित विवेचनाओं पर सवाल जवाब हुआ तो अफसर बगलें झांकने लगे। एडीजी ने साफ किया कि 60/90 दिन से अधिक समय से लंबित विवेचनाओं का पूरी पारदर्शिता के साथ निस्तारण किया जाए। सर्वाधिक लंबित विवेचना वाले थानेदारों को फटकार भी लगाई गई। कई थानों की स्थिति बेहद खराब रही। साइबर अपराध पर प्रभावी कार्रवाई के निर्देश
एडीजी भानु भास्कर ने क्राइम मीटिंग में साइबर अपराध की भी समीक्षा की। किस तरह के मामले इन दिनों सबसे अधिक पहुंच रहे हैं और कैसे उनका निस्तारण किया जा रहा है, इस पर भी सवाल जवाब किये। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध से बचने के लिए जागरूकता ही एकमात्र हथियार है। महिला अपराध को लेकर भी उन्होंने शासन की मंशा से अवगत कराया। एडीजी ने कहा कि संजीदगी के साथ महिला अपराध से जुड़े मामलों पर काम किया जाए। एएसपी-डीएसपी पर विशेष जिम्मेदारी
डीआईजी रेंज कलानिधि नैथानी ने भी क्राइम मीटिंग को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि थाना स्तर पर शिकायतों के निस्तारण की व्यवस्था तैयार करें। यहां से आगे की जिम्मेदारी सबसे पहले डिप्टी एसपी और उनके बाद एडिशनल एसपी के कंधों पर है। फरियादियों से बेहतर व्यवहार किया जाए। महिला व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि अनुशासनहीनता किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। देर रात तक बैठक का दौर जारी रहा।
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क्राइम मीटिंग में लापरवाह पुलिसकर्मी रहे एडीजी के निशाने पर:लंबित विवेचनाओं को लेकर जताई नाराजगी, सुधरने की दी हिदायत, डीआईजी भी रहे मौजूद
