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नर्मदापुरम जिले की सोहागपुर तहसील में धान की फसल खराब होने की शिकायतें सामने आई हैं। किसानों का आरोप है कि खेतों में घास से बचाव के लिए विलवुड कंपनी की ‘WILLSUPER (FENOXA 9.3 EC)’ दवा का छिड़काव करने के बाद धान की फसल भी सूखने लगी। करीब 10-12 गांवों में करीब 700 एकड़ फसल प्रभावित है। हालांकि, कृषि विभाग के शुरुआती सर्वे में 400 एकड़ फसल प्रभावित होने की बात सामने आई है। विभाग ने दवा की बिक्री पर रोक लगाकर सैंपल जांच के लिए लैब भेजे हैं। शिकायतों के बाद कृषि उप संचालक रविकांत सिंह ने विलवुड सुपर की बिक्री पर तत्काल रोक लगा दी। विभाग ने कंपनी को नोटिस भी जारी किया है। दवा के सैंपल जांच के लिए लैब भेजे गए हैं। कृषि उप संचालक के अनुसार, लैब रिपोर्ट में दवा में कमी पाए जाने पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। किसानों ने 10-12 गांवों में नुकसान बताया किसानों का कहना है कि उन्होंने खेतों में घास से बचाव के लिए विलवुड सुपर का छिड़काव किया था। इसके कुछ दिन बाद घास के साथ धान की फसल भी सूखने लगी। पाला देवरी, गुज्जरखेड़ी समेत 10-12 गांवों से फसल खराब होने की शिकायतें आने की बात कही गई है। पाला देवरी, गुज्जरखेड़ी, भोखेड़ी, कलमेशरा, नवल गांव, बांसखापा, अकोला और बमारी में ज्यादा नुकसान की शिकायत बताई जा रही है। सांसद-विधायक ने मुआवजे की मांग की राज्यसभा सांसद माया नारोलिया, सोहागपुर विधायक विजयपाल सिंह राजपूत और पूर्व विधायक सविता दीवान शर्मा ने किसान प्रतिनिधियों के साथ कलेक्टर सोमेश मिश्रा को पत्र सौंपा है। इसमें प्रभावित फसलों का सर्वे कराकर किसानों को मुआवजा देने की मांग की गई है। विधायक विजयपाल सिंह के अनुसार करीब 700 एकड़ में धान की फसल प्रभावित हुई है। उनका कहना है कि कुछ किसानों की 90% और कुछ की 50% तक फसल खराब हुई है। उन्होंने फसल का निरीक्षण, पंचनामा और दवा की अधिकृत लैब से जांच कराने की मांग की है। दवा के छिड़काव और फसल नुकसान के बीच संबंध की पुष्टि लैब रिपोर्ट और कृषि विभाग के अंतिम सर्वे के बाद स्पष्ट होगी। कृषि वैज्ञानिकों की टीम कर रही सर्वे फसल नुकसान का आकलन करने के लिए कृषि कॉलेज के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. केके मिश्रा, सहायक संचालक, कीटनाशक निरीक्षक शैलेंद्र राठौर, एसडीओ चेतन मातीखाएं और एसएडीओ सुनील वर्डे की टीम बनाई गई है। टीम दो दिन से खेतों का सर्वे कर रही है। शुरुआती सर्वे में करीब 400 एकड़ फसल प्रभावित होने की बात सामने आई है। विभाग के अनुसार फाइनल रिपोर्ट आने के बाद नुकसान का सही आंकड़ा स्पष्ट होगा।
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सोहागपुर में निजी कंपनी की चारा-मार दवा से फसल खराब:700 एकड़ धान प्रभावित, बिक्री पर रोक, कृषि विभाग ने कंपनी को नोटिस दिया
