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खरगे के रैली मंच शुद्धिकरण पर कांग्रेस का पलटवार:मंडी में सत्याग्रह, बोले- "यह खरगे का नहीं, हर दलित और संविधान का अपमान"




हिमाचल प्रदेश के मंडी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद भाजपा द्वारा मंच के कथित ‘शुद्धिकरण’ को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। कांग्रेस ने इस घटना को सीधे तौर पर दलित समुदाय के अपमान से जोड़ते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की विचारधारा पर तीखा हमला बोला है। इस मुद्दे के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंडी की सड़कों पर रोष मार्च निकाला और महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने बैठकर सत्याग्रह किया। कांग्रेस ने इस पूरे घटनाक्रम पर कड़ा रुख अख्तियार किया है। पार्टी नेतृत्व का आरोप है कि मंच का कथित शुद्धिकरण करना केवल मल्लिकार्जुन खरगे का अपमान नहीं है, बल्कि देश के हर दलित और भारतीय संविधान की मूल भावना का अपमान है। कांग्रेस नेताओं ने इसे भाजपा के ‘दलित विरोधी’ चेहरे का प्रत्यक्ष प्रमाण बताया है।
भाजपा और आरएसएस को अपनी राजनीति का शुद्धिकरण करना चाहिए कांग्रेस की जिला अध्यक्ष चंपा ठाकुर ने भाजपा पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि शुद्धिकरण की जरूरत उस मंच को नहीं थी जहाँ जनसभा हुई, बल्कि शुद्धिकरण की जरूरत भाजपा और आरएसएस की जातिवादी और संकीर्ण राजनीति को है। हमारा देश बाबासाहेब के संविधान और लोकतंत्र से चलता है, किसी की जातिवादी और भेदभावपूर्ण राजनीति से नहीं।” “चुनावों में दलित सिर्फ वोट बैंक, बाद में भेदभाव” हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति (SC) आयोग के चेयरमैन नरेश कुमार ने भी इस मुद्दे पर भाजपा को आड़े हाथों लिया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा चुनावों के समय तो दलितों को केवल वोट बैंक की तरह इस्तेमाल करती है, लेकिन जब उनके सम्मान और संवैधानिक अधिकारों की बात आती है, तो पार्टी का भेदभावपूर्ण रवैया सामने आ जाता है। उन्होंने साफ किया कि कांग्रेस इस सामंतवादी मानसिकता का सड़क से सदन तक विरोध करती रहेगी। राष्ट्रपिता की प्रतिमा के सामने सत्याग्रह और आगे की रणनीति इस विवाद के विरोध में मंडी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मार्च निकाला। इसके बाद सभी कार्यकर्ता व नेता महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष धरने पर बैठ गए और सत्याग्रह के जरिए अपना विरोध दर्ज कराया। कांग्रेस ने इस पूरे मामले को लेकर भाजपा आलाकमान से सार्वजनिक रूप से माफी और जवाब देने की मांग की है। मंडी में हुए इस बड़े विरोध प्रदर्शन से कांग्रेस ने यह साफ संदेश दे दिया है कि दलितों के सम्मान और संवैधानिक अधिकारों के इस मुद्दे को वह आने वाले दिनों में और भी बड़े स्तर पर भुनाने की तैयारी में है।



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