![]()
झालावाड़ में खाद्य सुरक्षा योजना के अपात्र परिवारों पर जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू की है। जांच में जिले के 1,104 परिवारों के एपीएल से अंत्योदय श्रेणी में बदलने की पुष्टि हुई है। इन परिवारों ने एक साल से ज्यादा समय में करीब 463 मीट्रिक टन गेहूं उठाया था। प्रशासन ने अब इन परिवारों को नोटिस जारी कर गलत तरीके से उठाए गए अनाज की वसूली शुरू कर दी है। यह मामला सामने आने के बाद जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ ने इसे गंभीरता से लिया। उन्होंने जिला रसद विभाग के अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए थे। जांच में पता चला कि अधिकारियों की आईडी का गलत इस्तेमाल कर कुछ अपात्र परिवारों की खाद्य सुरक्षा श्रेणी बदली गई थी। इस मामले में एक संविदाकर्मी और 9 ई-मित्र संचालकों की भूमिका सामने आई है। प्रशासन की जांच के बाद संबंधित ई-मित्र केंद्रों को ब्लैकलिस्ट किया जा रहा है। संविदाकर्मी गौतम नागर के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया है और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। जिला प्रशासन ने योजना का गलत तरीके से लाभ लेकर अनाज उठाने वाले परिवारों और संबंधित व्यक्तियों को वसूली नोटिस भेजे हैं। उनसे उठाए गए अनाज की 27.50 रुपए प्रति किलोग्राम की दर से वसूली की जाएगी। इससे सरकारी अनाज का गलत तरीके से लाभ उठाने वालों पर आर्थिक कार्रवाई होगी। प्रवर्तन अधिकारी गोविंद देथा ने उपभोक्ताओं से अपील की है। उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा योजना या रसद विभाग की अन्य योजनाओं में नाम जुड़वाने या लाभ दिलाने के नाम पर यदि कोई व्यक्ति अवैध रूप से पैसे मांगता है तो उसके झांसे में न आएं। उन्होंने सलाह दी कि विभागीय योजनाओं का लाभ लेने के लिए सीधे संबंधित अधिकारी या विभाग से संपर्क करें।
Source link
खाद्य सुरक्षा योजना, अपात्र 1104 परिवारों को वसूली नोटिस जारी:27.50 रुपए प्रति किलो से होगी वसूली, एक संविदाकर्मी और 9 ई-मित्र संचालकों पर केस
