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रामानुजगंज सत्र न्यायालय ने गवाही के लिए लगातार अनुपस्थित रहने और न्यायालय के आदेशों की अवहेलना करने पर एक उपनिरीक्षक पर 500 रुपए का अर्थदंड लगाया है। सत्र न्यायाधीश हेमंत सराफ ने एम.जे.सी. (क्रि.) क्रमांक 41/2026 में यह आदेश पारित करते हुए कोरिया पुलिस अधीक्षक को संबंधित अधिकारी के वेतन से राशि काटकर न्यायालय में जमा कराने के निर्देश दिए हैं। 31 जुलाई को विभिन्न न्यायालयों से प्राप्त जानकारी के अवलोकन के दौरान न्यायालय ने पाया कि प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश के न्यायालय में वर्ष 2023 से लंबित एक सत्र प्रकरण तथा द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश के न्यायालय में तीन सत्र प्रकरणों में गिरफ्तारी वारंट और एक जमानतीय वारंट जारी होने के बावजूद संबंधित पुलिस अधिकारी गवाही के लिए उपस्थित नहीं हुए। इनमें तीन मामले वर्ष 2022 और एक मामला वर्ष 2023 से लंबित हैं। उपनिरीक्षक ने बताया व्यस्तता का कारण मामले में उपनिरीक्षक विनोद पासवान 28 जुलाई को न्यायालय में उपस्थित हुए और लिखित जवाब प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि वे थाना सोनहत, जिला कोरिया के अपराध क्रमांक 66/2026 की विवेचना तथा सीबीआई को केस डायरी सौंपने की प्रक्रिया में वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर व्यस्त थे। उन्होंने अपनी त्रुटि के लिए न्यायालय से क्षमा भी मांगी। कोर्ट ने स्पष्टीकरण को माना असंतोषजनक न्यायालय ने उपनिरीक्षक का जवाब संतोषजनक नहीं माना। आदेश में उल्लेख किया गया कि सत्र प्रकरण क्रमांक 88/2022 में उन्हें 16 जुलाई को समन विधिवत तामील कराया गया था। इसके बाद 11 फरवरी 2026 की सुनवाई के लिए 500 रुपए का जमानतीय वारंट भी जारी किया गया, लेकिन इसके बावजूद वे बिना पूर्व सूचना के न्यायालय में उपस्थित नहीं हुए, जिससे सुनवाई प्रभावित हुई। वेतन से कटेगा जुर्माना, SP को निर्देश न्यायालय ने माना कि संबंधित साक्षी ने जानबूझकर न्यायालय के आदेशों की अवहेलना की है। इसी आधार पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 389 के तहत 500 रुपए का अर्थदंड लगाया गया। न्यायालय ने कोरिया के पुलिस अधीक्षक को आदेश की प्रति भेजते हुए संबंधित अधिकारी के वेतन से राशि काटकर न्यायालय में जमा कराने के निर्देश दिए हैं। मामले में आदेश के पालन की समीक्षा के लिए 17 अगस्त 2026 की अगली तारीख निर्धारित की गई है।
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गवाही में बार-बार गैरहाजिर रहने पर SI पर कोर्ट सख्त:रामानुजगंज सत्र न्यायालय ने न्यायालय की अवमानना मानते हुए लगाया अर्थदंड,SP को दिए आदेश
