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गैंगस्टर काला राणा को मोहाली कोर्ट से झटका:27 केस छिपाने पर जमानत एप्लीकेशन खारिज, थाईलैंड से 2023 में किया गया था डिपोर्ट




तीन साल पहले थाइलैंड से डिपोर्ट किए गए गैंगस्टर वीरेंद्र प्रताप उर्फ काला राणा को मोाहली अदालत से झटका लगा है। हथियार बरामदगी और साजिश से जुड़े एक मामले में कोर्ट ने काला राणा की नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने जमानत खारिज करने के पीछे उसके आपराधिक रिकॉर्ड और अदालत से जानकारी छिपाने को अहम आधार माना। अदालत ने कहा कि काला राणा ने जमानत याचिका में अपने खिलाफ दर्ज 27 आपराधिक मामलों की जानकारी नहीं दी थी। राज्य सरकार ने जब कोर्ट के सामने यह रिकॉर्ड रखा तो बचाव पक्ष ने रिकॉर्ड पेश करने की अनुमति मांगी, लेकिन अदालत ने यह अर्जी भी खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि आरोपी के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। आपराधिक रिकॉर्ड छिपाने और मामले की गंभीरता को देखते हुए उसे जमानत देने का कोई ठोस आधार नहीं बनता। पंजाब के केस में काला राणा कैसे जुड़ा? जानिए पूरी कहानी अमृत बल और जग्गू भगवानपुरिया का करीबी दबोचा 8 अक्टूबर 2023 को पंजाब पुलिस की सीआईए/एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स, बलौंगी (मोहाली) में तैनात सब-इंस्पेक्टर दीपक सिंह को गुप्त सूचना मिली। सूचना थी कि अजय नाम का युवक ग्रीन एन्क्लेव के पास अवैध हथियार लेकर खड़ा है। वह घड़ुआं में किसी वारदात को अंजाम देने की तैयारी में है। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए अजय को पकड़ लिया। तलाशी लेने पर उसके पास से .32 बोर की 2 देसी पिस्तौल और 8 जिंदा कारतूस बरामद हुए। पूछताछ में अजय ने अमृत बाल और जग्गू से जुड़े होने की बात कही पुलिस पूछताछ में अजय ने बताया कि वह जग्गू भगवानपुरिया और अमृत बाल के संपर्क में था। उनके कहने पर वह रंगदारी और दूसरी आपराधिक वारदातें करता था। अजय ने बताया कि उसे ये हथियार किसी व्यक्ति की हत्या के लिए दिए गए थे। हालांकि, उसे अभी यह नहीं बताया गया था कि किस व्यक्ति को निशाना बनाना है।
किसान आंदोलन में केसर सिंह से मिला, फिर काला राणा का नाम आया 10 अक्टूबर 2023 को पूछताछ के दौरान अजय ने काला राणा को लेकर भी जानकारी दी। उसने बताया कि वर्ष 2021 में दिल्ली बॉर्डर पर चले किसान आंदोलन के दौरान उसकी मुलाकात केसर सिंह से हुई थी। पुलिस के मुताबिक, केसर सिंह काला राणा का करीबी था और व्हाट्सएप के जरिए उसके संपर्क में रहता था। केसर सिंह ने अजय को बताया था कि वह काला राणा से बात करके उसके लिए हथियार का इंतजाम कर सकता है। इसके बाद केसर सिंह ने अजय को .32 बोर की एक पिस्तौल, 5 जिंदा कारतूस और 30 हजार रुपए नकद दिए। 11 अक्टूबर को केसर गिरफ्तार, काला राणा भी केस में आरोपी बना अजय के खुलासे के बाद पुलिस ने 11 अक्टूबर 2023 को केसर सिंह को गिरफ्तार कर लिया। वहीं, साजिश रचने की धारा 120-बी और आर्म्स एक्ट के तहत काला राणा को भी इस मामले में आरोपी बनाया गया। काला राणा उस समय दूसरे मामलों में पहले से जेल में था। इसलिए इस मामले में भी उसकी औपचारिक कस्टडी दर्ज की गई। बचाव पक्ष: 3 साल से जेल में, अभी तक ट्रायल शुरू नहीं काला राणा के वकील ने जमानत के पक्ष में कहा कि आरोपी करीब 3 साल से इस मामले में जेल में है, लेकिन अभी तक ट्रायल शुरू नहीं हुआ है। वकील ने कहा कि हर आरोपी को समय पर सुनवाई का अधिकार है। जब मुकदमे की सुनवाई ही शुरू नहीं हुई तो किसी व्यक्ति को लंबे समय तक जेल में रखना उचित नहीं है। बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि पुलिस ने काला राणा के जिन पुराने मामलों का जिक्र किया है, उनमें से ज्यादातर में वह बरी हो चुका है या उसकी सजा पर रोक लगी हुई है। इसलिए पुराने मामलों के आधार पर उसकी जमानत नहीं रोकी जानी चाहिए। सरकारी पक्ष: 27 केस, रिकॉर्ड छिपाने का आरोप अतिरिक्त सरकारी वकील ने काला राणा की जमानत का कड़ा विरोध किया। उन्होंने कोर्ट के सामने पुलिस की रिपोर्ट रखी और बताया कि आरोपी के खिलाफ 27 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। सरकारी पक्ष ने कहा कि काला राणा ने जमानत याचिका दाखिल करते समय अपने पुराने आपराधिक मामलों की जानकारी कोर्ट से छिपाई। जब सरकार ने कोर्ट के सामने यह रिकॉर्ड रखा तो बचाव पक्ष ने रिकॉर्ड पेश करने की अनुमति मांगी, लेकिन अदालत ने अर्जी खारिज कर दी। सरकारी वकील ने जसवंत सिंह बनाम स्टेट ऑफ पंजाब मामले का हवाला देते हुए कहा कि अगर कोई आरोपी अपना आपराधिक रिकॉर्ड कोर्ट से छिपाता है तो यह जमानत खारिज करने का आधार हो सकता है।



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