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गोंडा में मान्यता के नियमों की अनदेखी करने वाले निजी स्कूलों पर माध्यमिक शिक्षा विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। तय मान्यता से ज्यादा कक्षाएं चलाने वाले छह स्कूलों के प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी है। जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. रामचंद्र ने गुरुवार को पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजकर मुकदमा दर्ज कराने की मांग की है। विभाग की पहले हुई जांच में इन स्कूलों में मान्यता से ऊपर की कक्षाएं संचालित मिली थीं। इसके बाद प्रबंधकों को नोटिस देकर ऐसी कक्षाएं तत्काल बंद करने और उनमें पढ़ रहे बच्चों का दाखिला नजदीकी मान्यता प्राप्त स्कूलों में कराने के निर्देश दिए गए थे। कुछ प्रबंधकों ने शपथपत्र देकर नियमों का पालन करने का भरोसा भी दिया था। दोबारा शिकायतों और जांच में कक्षाएं चलती मिलने के बाद विभाग ने अब मुकदमे की कार्रवाई शुरू की है। नोटिस और शपथपत्र के बाद भी चलती मिलीं कक्षाएं डीआईओएस डॉ. रामचंद्र ने बताया कि निरीक्षण के दौरान कई स्कूलों में मान्यता से अधिक कक्षाएं संचालित मिली थीं। स्कूल प्रबंधकों को इन्हें बंद करने के निर्देश दिए गए थे। छात्रों का भविष्य प्रभावित न हो, इसलिए अतिरिक्त कक्षाओं में पढ़ रहे बच्चों को दूसरे मान्यता प्राप्त स्कूलों में प्रवेश दिलाने के लिए भी कहा गया था। इसके बावजूद शिकायतों की जांच में सामने आया कि कुछ स्कूलों ने लिखित आश्वासन देने के बाद भी अतिरिक्त कक्षाएं जारी रखीं।
सीहागांव में कक्षा 8 की मान्यता, पढ़ाई 12वीं तक विभाग की कार्रवाई में सीहागांव का एक स्कूल शामिल है। यहां स्कूल को कक्षा 8 तक की मान्यता मिली थी, लेकिन कक्षा 9 से 12 तक की पढ़ाई कराई जा रही थी। इसी क्षेत्र के दूसरे स्कूल में कक्षा 8 तक की मान्यता के बावजूद 9वीं और 10वीं की कक्षाएं संचालित मिलीं। सिसवरिया-बघेलवा में भी नियमों की अनदेखी सिसवरिया और बघेलवा के स्कूलों में कक्षा 9 और 10 की कक्षाएं मान्यता के बिना चलती मिलीं। विभाग ने इन स्कूलों को पहले भी नियमों का पालन करने के निर्देश दिए थे, लेकिन दोबारा जांच में स्थिति नहीं बदली। कैमी चौराहा के एक स्कूल को सिर्फ प्राथमिक स्तर यानी कक्षा 5 तक की मान्यता थी, लेकिन वहां कक्षा 6 से 8 तक पढ़ाई कराई जा रही थी। वहीं हड़हवा के स्कूल में कक्षा 8 तक की मान्यता होने के बावजूद 9वीं और 10वीं की कक्षाएं संचालित मिलीं। डीआईओएस ने बताया कि सभी छह स्कूलों के प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों के खिलाफ एफआईआर के लिए पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजा गया है। विभाग का कहना है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
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