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गोयल का तंज- भारत में कोई रातों-रात गायब नहीं होता:चीन का नाम लिए बिना जापानी निवेशकों से कहा-आपका डेटा और टेक्नोलॉजी यहां सुरक्षित रहेगी




केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने चीन पर बिना नाम लिए तंज कसा है। टोक्यो में सुमितोमो कॉरपोरेशन के प्रेसिडेंट और सीईओ के साथ बैठक के दौरान गोयल ने कहा कि भारत में आंत्रप्रेन्योरशिप का जश्न मनाया जाता है। आपको इस बात की चिंता करने की जरूरत नहीं है कि अगर आप भारत में पैसा कमाते हैं या सफल होते हैं, तो एक दिन अचानक गायब हो जाएंगे और बाद में किसी जापानी यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर बनकर निकलेंगे। भारत में ऐसा जोखिम नहीं होता। चीनी बिजनेसमैन जैक मा के मामले की ओर इशारा गोयल ने चीन या जैक मा का नाम नहीं लिया, लेकिन उनका इशारा साफ तौर पर अलीबाबा के फाउंडर जैक मा की तरफ था। साल 2020 में चीन के वित्तीय नियामकों की आलोचना करने के बाद जैक मा अचानक कई महीनों के लिए गायब हो गए थे। इसके बाद चीनी सरकार ने उनकी कंपनी एंट ग्रुप के रिकॉर्ड आईपीओ को रद्द कर दिया और अलीबाबा पर 2.8 अरब डॉलर का जुर्माना लगाया। लंबे समय तक सार्वजनिक जीवन से दूर रहने के बाद 2023 में जैक मा टोक्यो यूनिवर्सिटी में विजिटिंग प्रोफेसर के रूप में सामने आए थे। भारत में न डेटा चोरी होगा, न आईपीआर का उल्लंघन जापानी उद्योगपतियों को संबोधित करते हुए वाणिज्य मंत्री ने सुरक्षा और पारदर्शिता पर सबसे ज्यादा जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत किसी अन्य देश की तकनीक चुराता नहीं है और न ही दूसरों के बौद्धिक संपदा अधिकारों (IPR) का उल्लंघन करके बाजार में प्रोडक्ट उतारता है। भारत सिर्फ चाइना प्लस वन विकल्प नहीं ग्लोबल कंपनियां इन दिनों चीन पर अपनी निर्भरता कम करने के लिए ‘चाइना प्लस वन’ स्ट्रैटेजी अपना रही हैं। इस पर बात करते हुए गोयल ने कहा कि “भारत कोई ‘प्लस वन’ देश नहीं है। भारत अपने आप में एक मजबूत और स्वतंत्र निवेश गंतव्य है।” उन्होंने कहा कि भारत 24 घंटे निवेश के दरवाजे खोलने के लिए तैयार है, लेकिन यह देश के अपने हितों की कीमत पर या किसी के दबाव में नहीं होगा। सेमीकंडक्टर और एआई सेक्टर में बड़े निवेश की उम्मीद गोयल ने जापानी कंपनियों से भारत में सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लीन एनर्जी और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग जैसे सेक्टर्स में निवेश बढ़ाने की अपील की। FDI: जापान भारत में पांचवां सबसे बड़ा निवेशक है। 2000 से 2026 के बीच भारत को जापान से 48.14 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश मिला है। भविष्य का लक्ष्य: पिछले साल जापान ने अगले एक दशक में भारत में लगभग ₹60 हजार करोड़ के निवेश का लक्ष्य तय किया था। हालांकि, दोनों देशों के बीच बढ़ता व्यापार घाटा अभी भी चिंता का विषय बना हुआ है।



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