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घाटे से उबरा पठानकोट का हिंदू कोऑपरेटिव बैंक:55 करोड़ के नुकसान की बजाए 11 करोड़ का मुनाफा; बंद हुई ब्रांच का कैबिनेट मंत्री ने किया शुभारंभ




पठानकोट का प्रमुख हिंदू कोऑपरेटिव बैंक ऐतिहासिक वित्तीय बदलाव की राह पर लौट आया है। दो साल पहले जो बैंक करीब 55 करोड़ रुपये के भारी घाटे में चल रहा था, वह कुशल प्रबंधन और आक्रामक रिकवरी रणनीति के चलते अब 11 करोड़ रुपये के शुद्ध मुनाफे में आ गया है। इस बड़ी उपलब्धि के साथ ही बैंक प्रबंधन ने मेन बाजार की बंद हो चुकी ऐतिहासिक मदर ब्रांच को नए स्थान पर फिर से खोल दिया है। जिसका उद्घाटन शनिवार को कैबिनेट मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने किया। अब बैंक ने शेयरधारकों को डिविडेंड देने और नया बिजनेस विस्तार करने का बड़ा ऐलान किया है। शाहपुर चौक में खुली मदर ब्रांच बैंक के चेयरमैन सतीश महिंद्रू ने बताया कि मेन बाजार की जो ब्रांच बंद हो गई थी, उसे आज खोला गया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 1926 में स्थापित हुई मेन बाजार ब्रांच संस्था की ‘मदर ब्रांच’ है। नई ब्रांच का उद्घाटन पंजाब के कैबिनेट वन मंत्री लालचंद कटारूचक ने किया। चेयनमैन महिंद्रू ने बताया कि बैंक अपने 100वें साल (शताब्दी वर्ष) का समारोह भी आयोजित करेगा और आगामी सितंबर महीने में अपने 13 हजार शेयर होल्डर्स को डिविडेंड वितरित करेगा। 80% रिकवरी और सरफेसी एक्ट से पूरा हुआ 55 करोड़ का घाटा कैबिनेट मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने बताया कि बैंक के दोबारा फायदे में आने का मुख्य कारण आक्रामक रिकवरी अभियान है। बैंक ने एनपीए और डूबे हुए कर्ज का 80 फीसदी से ज्यादा हिस्सा रिकवर कर लिया है। कई बड़े बकाएदारों के खिलाफ ‘सरफेसी एक्ट’ के तहत कानूनी कार्रवाई चल रही है। इसी रिकवरी के दम पर बैंक ने 55 करोड़ रुपये का घाटा पूरा करके 11 करोड़ रुपये का प्रॉफिट हासिल किया है। जोकि, सतीष महिन्द्रू और उनकी टीम की बड़ी उपलब्धि है। ग्राहकों को ब्याज दर में राहत और लोन वितरण शुरू बैंक चेयरमैन महिन्द्रू और कैबिनेट मंत्री ने कहा कि यह पठानकोट शहरवासियों का अपना बैंक है। बैंक ने अब दोबारा नए लोन बांटने शुरू कर दिए हैं और कर्जों पर लगने वाले ब्याज दर में भी कटौती कर ग्राहकों को बड़ी राहत दी है। पंजाब सरकार ने सहयोग करते हुए बैंक के मुलाजिमों को भी दूसरे बैंकों में एडजस्ट किया है।



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