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नर्मदापुरम में 108 एंबुलेंस सेवा और आरपीएफ, रेलवे प्रशासन की लापरवाही से एक 80 साल की बुजुर्ग जान चली गई। सोमवार रात 10.45 बजे नर्मदापुरम रेलवे स्टेशन पर अहिल्याबाई एक्सप्रेस ट्रेन की चपेट में आने से एक बुजुर्ग महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। महिला का सिर क्षतिग्रस्त हो गया था। रेलवे स्टेशन, आरपीएफ और जीआरपी ने बुजुर्ग को प्लेटफॉर्म नम्बर 2 से उठाकर स्ट्रेचर पर रखा और 108 एंबुलेंस को कॉल किया। रेलवे प्रशासन एक घंटे तक एंबुलेंस का इंतजार करता रहा। इस बीच स्ट्रेचर पर पड़ी बुजुर्ग तड़पती रही। मौके पर रेलवे अधिकारी, आरपीएफ, जीआरपी सहित डायल 112 का स्टाफ मौजूद था। लेकिन कोई भी बुजुर्ग को दूसरे वाहन से अस्पताल पहुंचाने के लिए आगे नहीं आया। आखिरकार काफी देर बाद रात 11.50 बजे जब 108 एंबुलेंस आई, तब बुजुर्ग महिला को जिला अस्पताल ले जाया गया। जहां उपचार के दौरान उसकी सुबह 5 बजे उनकी सांसें थम गईं। इंजन से टकराई थी महिला, सिर में चोट
रेलवे सूत्रों के मुताबिक, रात 10.45 बजे जब अहिल्याबाई एक्सप्रेस इंदौर से इटारसी की ओर जा रही थी। तभी मेन लाइन पर 80 साल की बुजुर्ग इंजन से टकरा गई। जिसकी लोको पायलट ने बाईटॉकी पर सूचना दी कि बुजुर्ग ट्रेन से टकरा गई है। डिप्टीएसएस द्वारा आरपीएफ, जीआरपी को सूचना देकर बुजुर्ग को स्ट्रैचर पर रखवाया। 108 एबुलेंस को बार बार कॉल किया। एक घंटे के इंतजार के बाद एंबुलेंस आई और फिर उसे अस्पताल भिजवाया गया। एंबुलेंस की लापरवाही, प्रशासन कब लेगा एक्शन
बुजुर्ग को अस्पताल पहुंचाने में बड़ी बात यह है कि रेलवे स्टेशन से जिला अस्पताल मात्र आधा किमी है। बावजूद 108 एंबुलेंस जैसी सेवा को पहुंचने में एक घंटा लगा। वहीं स्टेशन पर मौजूद किसी ने भीदूसरे वाहन से बुजुर्ग की अस्पताल पहुंचाने की हिम्मत नहीं की। जिले में 108 की इस लापरवाही को लेकर सवाल खड़ा हो गया है? जिसे लेकर प्रशासन गंभीर नहीं है? स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर आक्रोश है। जीआरपी के एएसआई राजेश उइके ने बताया बुजुर्ग की सुबह 5 बजे उपचार के दौरान मौत हो गई। शव की पहचान नहीं हो पाई। अज्ञात होने से जीआरपी ने फिलहाल शव को मर्चरी रूम में रखवा दिया है। पहचान के लिए उसकी तस्वीर सोशल मीडिया और थानों में भेजी है। 48 घंटे बाद पोस्टमार्टम होगा।
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घायल बुजुर्ग एक घंटे एंबुलेंस का इंतजार करती रही:नर्मदापुरम में रेलवे स्टेशन पर देरी से इलाज मिला; अस्पताल में तोड़ा दम
