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चंडीगढ़ का महिला पॉलिटेक्निक उत्तर भारत का नंबर-1 संस्थान:फार्मेसी डिप्लोमा को मिला ग्रेड-ए; देश में छठा स्थान; 3 चरणों की जांच के बाद मान्यता




चंडीगढ़ सेक्टर-10डी स्थित गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक फॉर वूमेन ने तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। संस्थान के डिप्लोमा इन फार्मेसी पाठ्यक्रम को शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया (क्यूसीआई) के नेशनल एक्रिडिटेशन बोर्ड फॉर एजुकेशन एंड ट्रेनिंग (एनएबीईटी) की ओर से सर्वोच्च ग्रेड-ए मान्यता प्रदान की गई है। इस उपलब्धि के साथ संस्थान ने राष्ट्रीय स्तर पर छठा स्थान हासिल किया है, जबकि उत्तर भारत में पहला स्थान प्राप्त किया है। संस्थान को यह मान्यता कड़ी मूल्यांकन प्रक्रिया के बाद मिली है। मूल्यांकन तीन चरणों में किया गया, जिसमें पहले दस्तावेजों की जांच (डेस्कटॉप असेसमेंट), फिर संस्थान का मौके पर निरीक्षण (ऑन-साइट असेसमेंट) और उसके बाद संस्थान के समग्र प्रदर्शन का आकलन किया गया। पूरी प्रक्रिया चंडीगढ़ प्रशासन के तकनीकी शिक्षा सचिव और तकनीकी शिक्षा निदेशालय के मार्गदर्शन में संपन्न हुई। संस्थान में 6 डिप्लोमा पाठ्यक्रम संचालित ग्रेड-ए मान्यता मिलने के बाद गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक फॉर वूमेन ने राष्ट्रीय स्तर पर छठा स्थान हासिल किया है। वहीं पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान सहित पूरे उत्तर भारत में यह संस्थान इस मान्यता के तहत पहले स्थान पर पहुंच गया है। संस्थान की प्राचार्य विन दोसाज के नेतृत्व में कॉलेज में वर्तमान में 6 डिप्लोमा पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। संस्थान का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को तकनीकी शिक्षा के साथ रोजगारपरक कौशल प्रदान करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। संस्थान का विजन “महिलाओं में उत्कृष्ट कौशल विकसित कर श्रेष्ठता की संस्कृति स्थापित करना” है। इसी उद्देश्य के तहत छात्राओं को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण दिया जाता है, ताकि वे भविष्य में बेहतर रोजगार हासिल कर सकें। इन मानकों पर हुई थी जांच क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया (क्यूसीआई) संस्थानों का मूल्यांकन कई महत्वपूर्ण मानकों पर करती है। इनमें शिक्षा की गुणवत्ता, परिणाम आधारित शिक्षण, प्रशासनिक व्यवस्था, नवाचार, संस्थान की कार्यप्रणाली और गुणवत्ता में निरंतर सुधार जैसे पहलुओं को शामिल किया जाता है। ग्रेड-ए मान्यता मिलने का अर्थ है कि संस्थान ने इन सभी मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है और तकनीकी शिक्षा में उच्च गुणवत्ता बनाए रखी है। सभी के सामूहिक प्रयास का मिला परिणाम संस्थान प्रशासन ने बताया कि यह उपलब्धि किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे संस्थान की टीम की मेहनत का नतीजा है। इस सफलता का श्रेय प्राचार्य श्रीमती विन दोसाज, सभी शिक्षकों, कर्मचारियों, छात्राओं और संस्थान से जुड़े सभी हितधारकों को दिया गया है। सभी ने मिलकर शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर बनाने, छात्राओं को बेहतर प्रशिक्षण देने और संस्थान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए लगातार मेहनत की। प्रबंधन का कहना है कि संस्थान में पढ़ाई के साथ-साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण, आधुनिक तकनीक, अनुशासन और कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया जाता है। यही वजह है कि संस्थान ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है। उनका विश्वास है कि भविष्य में भी इसी तरह गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा देकर छात्राओं को आत्मनिर्भर और रोजगार के लिए तैयार किया जाता रहेगा तथा संस्थान आने वाले वर्षों में भी नई उपलब्धियां हासिल करेगा।



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