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चंडीगढ़ सेक्टर-11 के चर्चित जानकी दास हत्याकांड में पुलिस ने जिला अदालत में 500 से ज्यादा पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। सेक्टर-11 थाना पुलिस ने मामले में शूटर सन्नी मेहरा, अमित उर्फ शराबी और उनके तीसरे साथी आर्यन समेत 9 लोगों को आरोपी बनाया है। चार्जशीट में शूटर सन्नी मेहरा के पुलिस को दिए बयान में वारदात को लेकर कई अहम बातें सामने आई हैं। सन्नी ने पुलिस को बताया कि शुरू में उसे और अमित को जानकी दास की हत्या के बारे में नहीं बताया गया था। उन्हें सिर्फ इतना कहा गया था कि सेक्टर-11 में कुमार ब्रदर्स नाम से दो भाई मेडिकल स्टोर चलाते हैं और उन्हें डराना है। इसके बाद उन्हें टारगेट का हुलिया बताया गया। उन्हें कहा गया कि दुकान के कैश काउंटर पर एक मोटा आदमी बैठा होगा और उसके साथ एक लंबा लड़का खड़ा होगा। मोटे आदमी ने सोने की चेन और हाथ में कड़ा पहना होगा। बाद में इसी हुलिए के आधार पर शूटरों ने जानकी दास को निशाना बना लिया। जम्मू की जेल में बंद आरोपी से मिला काम सन्नी के बयान के मुताबिक, वारदात से कुछ दिन पहले उसके दोस्त अमित उर्फ शराबी ने उसे बताया कि उसका दोस्त रोहित उर्फ मक्खन जम्मू की अमफला जेल में बंद है। रोहित ने चंडीगढ़ में कोई बड़ा काम करवाने की बात कही थी और इसके लिए मोटी रकम देने को तैयार था। इसके बाद सन्नी भी इस काम के लिए तैयार हो गया। दोनों को अलग-अलग तरीके से गोल्डी ढिल्लों से काम के आदेश मिलने लगे। सन्नी और अमित पहले जालंधर पहुंचे। वहां उनकी मुलाकात सरपंच नाम के व्यक्ति से हुई। इसके बाद गोल्डी ढिल्लों के कहने पर वे अमृतसर और फिर तरनतारन पहुंचे। वहां वे खान नाम के व्यक्ति के घर रुके। पिस्टल और 50 हजार रुपए दिए चार्जशीट के मुताबिक, तरनतारन में खान ने उन्हें एक जिगाना पिस्टल और .30 बोर की पिस्टल दी। इसके साथ उन्हें 50 हजार रुपए भी दिए गए। इसके बाद दोनों टैक्सी से चंडीगढ़ आए। यहां उन्हें सेक्टर-11 स्थित दुकान के बारे में जानकारी दी गई और टारगेट की पहचान के लिए दुकान की धुंधली तस्वीर और हुलिया बताया गया। सन्नी ने पुलिस को बताया कि उसने और अमित ने पहले दुकान की रेकी की थी, लेकिन उन्हें बताए गए हुलिए वाला व्यक्ति वहां नहीं मिला। इसके बाद 13 जून को गोल्डी ढिल्लों ने फोन किया और काम खत्म करने के लिए कहा। कैश काउंटर पर दिखा बताए हुलिए जैसा आदमी सन्नी के मुताबिक, वारदात वाले दिन वह अमित के साथ सेक्टर-11 पहुंचा। उनका तीसरा साथी आर्यन बाइक लेकर आया था। दोनों ने दुकान के कैश काउंटर पर एक मोटे व्यक्ति को देखा। उसका हुलिया गोल्डी ढिल्लों की ओर से बताए गए हुलिए से मिलता-जुलता था। इसके बाद सन्नी और अमित दुकान के अंदर गए। सन्नी ने कैश काउंटर पर बैठे व्यक्ति पर गोलियां चला दीं। अमित से गोली नहीं चली। दुकान से बाहर भागते समय सन्नी से एक गोली और चल गई। इसके बाद दोनों आर्यन के साथ बाइक पर बैठकर मौके से फरार हो गए। टारगेट का नाम नहीं बताया गया सन्नी ने अपने बयान में कहा कि उसे और अमित को पहले टारगेट का नाम नहीं बताया गया था। उन्हें सिर्फ कुमार ब्रदर्स के मेडिकल स्टोर और वहां मौजूद मोटे व्यक्ति के बारे में बताया गया था। पुलिस के मुताबिक, बताए गए हुलिए के आधार पर ही उन्होंने जानकी दास को टारगेट समझकर गोली चला दी। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज समेत अन्य साक्ष्यों को भी चार्जशीट में शामिल किया है। चार्जशीट में कुल 9 लोगों को आरोपी बनाया गया है। जानिए, कत्ल से पहले कब आए शूटर, किस-किस होटल में ठहरे 9 मई को हिमाचल होटल आए, एक रात रुके: पुलिस जांच के मुताबिक श्री कुमार मेडिकल स्टोर के कैशियर जानकी दास के कत्ल की प्लानिंग मई महीने से ही चल रही थी। इसकी रेकी करने के लिए शूटर पहली बार 9 मई को चंडीगढ़ पहुंचे। यहां सुबह करीब 4:55 बजे कजहेड़ी स्थित हिमाचल होटल पहुंचे थे। होटल रिकॉर्ड के अनुसार उस समय राहुल, सनी मेहरा, ईशान और अमन नामक चार युवक वहां रुके थे। अगले दिन 10 मई को सुबह 7:40 बजे वे होटल छोड़कर चले गए। उन्होंने एक दिन का किराया 1000 रुपए अदा किया था। 10 जून को फिर इसी होटल में आए, 3 दिन रुके: इसके बाद इसके बाद 10 जून को सुबह करीब 4:30 बजे के आसपास आरोपी दोबारा हिमाचल होटल पहुंचे। इस बार होटल रिकॉर्ड में सनी मेहरा, आर्यन शर्मा, अमन सिंह और मानस के नाम दर्ज बताए जा रहे हैं। ये तीन दिन तक होटल में रुके और 12 जून को दोपहर करीब 2 बजे चेकआउट कर गए। उन्होंने होटल का लगभग 3000 रुपए किराया चुकाया। चौथे दिन अमर होटल में चले गए: हिमाचल होटल छोड़ने के बाद आरोपी सीधे नजदीक स्थित अमर होटल पहुंचे। वहां उन्होंने दोपहर करीब ढाई बजे कमरा लिया और रात वहीं रुके। अगले दिन 13 जून को दोपहर 12:55 बजे उन्होंने अमर होटल से चेकआउट किया और करीब 800 रुपए का भुगतान किया। अमर होटल से चेकआउट करने के बाद कत्ल किया: अमर होटल से निकलने के कुछ समय बाद ही आरोपियों ने सेक्टर-11 स्थित श्री कुमार मेडिकल स्टोर के कैशियर जानकीदास पर गोलियां बरसाकर उनकी हत्या कर दी। वारदात के बाद भी आरोपी करीब 50 मिनट तक शहर में मौजूद रहे, लेकिन पुलिस उन्हें मौके पर नहीं पकड़ सकी। बाद में वे चंडीगढ़ से फरार हो गए।
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चंडीगढ़ कैशियर मर्डर, पहले डराने फिर हत्या का आदेश:गोल्डी ढिल्लों बोला- दो भाई कुमार मेडिकल स्टोर चलाते,डराना है, 500 से ज्यादा पन्नों की चार्जशीट
