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चंडीगढ़ निगम वसूली मामले में विजिलेंस ने की FIR दर्ज:हर साल 50-60 करोड़ की वसूली का आरोप; बडे़ अफसर भी जांच के दायरे में




चंडीगढ़ नगर निगम के इंफोर्समेंट विंग में कथित अवैध वसूली के मामले में करीब एक साल की जांच के बाद विजिलेंस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। इस मामले में नगर निगम के इंफोर्समेंट विंग के अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की जांच होगी। शिकायत नगर निगम के बेलदार विकास कुमार ने की थी, जिन्होंने आरोप लगाया था कि विंग के कुछ इंस्पेक्टर हर महीने लाखों रुपये की अवैध वसूली करते हैं। विजिलेंस के अनुसार, विकास कुमार ने 18 अगस्त 2025 को शिकायत में आरोप लगाया था कि इंफोर्समेंट विंग के कुछ इंस्पेक्टर और एक अधिकारी शहर के रेहड़ी-फड़ी वालों और दुकानदारों से अवैध वसूली करते हैं। शिकायत में दावा किया गया कि इस नेटवर्क के जरिए हर साल करीब 50 से 60 करोड़ रुपये की वसूली की जाती है। मामले को लेकर विकास कुमार ने 12 अगस्त 2025 को सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी जारी किया था। वीडियो में उन्होंने अवैध वसूली के आरोप लगाए थे। उनका आरोप है कि वीडियो वायरल होने के बाद उन पर इसे हटाने और अपने बयान से मुकरने का दबाव बनाया गया। साथ ही उनसे खाली कागजों पर हस्ताक्षर भी कराए गए। शिकायत के बाद विजिलेंस ने मामले की विस्तृत जांच की। जांच पूरी होने के बाद एफआईआर दर्ज कर ली गई है। अब विजिलेंस पूरे मामले में अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की जांच करेगी। सुनिए वीडियो में क्या आरोप लगाए विकास ने.. वेंडर्स से पैसा इकट्ठा करने के मिले आदेश: विकास ने मोबाइल फोन का वीडियो कैमरा ऑन किया और बोला कि मैं अपने घर पर बैठा हूं, ये रही मेरी बेटी, बेटा और पत्नी। मैं निगम में इंफोर्समेंट विंग में काम करता था। निगम के इंस्पेक्टर, जिन्हें अभी 3 साल हुए ज्वाइनिंग को, वो मुझ पर दबाव बनाते हैं कि वेंडर्स से पैसा इकट्ठा करो और मैं हर महीने उन्हें 4 से 6 लाख तक इकट्ठा कर रहा हूं। कुछ समय से वो मुझ पर ज्यादा दबाव बनाने लगे और कहने लगे कि और ज्यादा पैसे इकट्ठा करो। नौकरी से निकालने की धमकी: विकास ने कहा कि उन्हें धमकी दी जाती है कि अगर ऐसा नहीं करेगा तो नौकरी से निकाल देंगे और उन्होंने कुछ दिन बाद वही किया। विकास बोला, हर महीने चालान काटते हैं सिर्फ 1 से डेढ़ लाख रुपए का। उसने अफसरों से अपील की और कहा कि जांच करवाएं, अगर उसकी गलती पाई जाती है तो उस पर भी कार्रवाई की जाए। घर पर पैसों की गड्डी लेकर आता हूं: वीडियो में बेटी और पत्नी भी बोल रही हैं कि ये घर पर पैसों की रोजाना काफी बड़ी गड्डी लेकर आता था और कहता था कि अफसरों को देने हैं। वीडियो में एक इंस्पेक्टर पर आरोप लगाया कि वो तो हैंडीकैप्ड हो या फिर भिखारी, किसी को भी नहीं छोड़ता था, हर किसी से पैसा लेता था और उसके कारण ही एक कर्मचारी जसपाल ने सुसाइड कर लिया था। जसपाल उसका काफी अच्छा दोस्त था। मैंने शराब पी रखी है, मगर सच बोल रहा हूं: आगे विकास बोलता है कि उसने इस समय शराब पी रखी है, मगर वो बिल्कुल सच बोल रहा है और उसके साथ कुछ भी हो सकता है, इसलिए मैं ये वीडियो अभी बनाकर फेसबुक पर डाल रहा हूं। कहा, नगर निगम की इंफोर्समेंट विंग में 3 से 4 को छोड़कर सभी हर महीने पैसे ले रहे हैं और पैसे लेने के लिए कर्मचारियों पर दबाव बनाते हैं।



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