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चंडीगढ़ में नशा तस्करों के घरों पर चला बुलडोजर:30 सितंबर तक लास्ट डेडलाइन, भारी पुलिस बल तैनात; लोगों को मौके से दूर रोका




चंडीगढ़ को नशामुक्त बनाने के अभियान के बीच चंडीगढ़ के रामदरबार में नशा तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू की गई है। रविवार को चंडीगढ़ प्रशासन और पुलिस टीम ने तस्करी से जुड़े लोगों के घरों को तोड़ा। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन के अधिकारी भी कार्रवाई की निगरानी के लिए मौजूद रहे। रामदरबार में कार्रवाई के दौरान लोगों को दूर रोका गया। पुलिस ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। थाना-31 के प्रभारी इंस्पेक्टर हरिओम भी पुलिस टीम के साथ मौके पर मौजूद हैं। नशे के खिलाफ अभियान के तहत प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने पुलिस को 30 सितंबर तक की डेडलाइन दी हुई है। इसके बाद पुलिस और प्रशासन की ओर से नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई तेज की गई है। नशा बेचकर खड़ी की गई इमारतों पर कार्रवाई चंडीगढ़ के DGP डॉ. सागर प्रीत हुड्डा ने नशे के खिलाफ अभियान के दौरान कहा था कि पुलिस नशा तस्करों की सूची तैयार कर रही है। ऐसे लोगों की पहचान की जा रही है, जिन पर नशा बेचकर लोगों के परिवार बर्बाद करने और इसी कमाई से संपत्ति खड़ी करने के आरोप हैं। DGP की ओर से कहा गया था कि ऐसे मामलों में नशे की कमाई से बनाई गई संपत्तियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। रामदरबार में रविवार को शुरू हुई कार्रवाई को इसी अभियान की कड़ी के तौर पर देखा जा रहा है। 11 सितंबर से तेज पुलिस एक्शन चंडीगढ़ पुलिस ने 11 सितंबर से विशेष एंटी-ड्रग अभियान शुरू किया था। पुलिस की ओर से उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 27 सितंबर तक 139 FIR दर्ज कर 142 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका था। इस दौरान 964.257 ग्राम हेरोइन, 9.46 ग्राम क्रिस्टल मेथामफेटामाइन, 1.191 किलो गांजा, 24 इंजेक्शन और 19 चाकू बरामद किए जाने की जानकारी दी गई है। अभियान के दौरान 443 लोगों को हिरासत में लिया गया। पुलिस इससे पहले भी रामदरबार समेत शहर के कई इलाकों में नशे से जुड़े लोगों की धरपकड़ और तलाशी अभियान चला चुकी है। मौके पर भारी पुलिस बल, लोगों को दूर रखा रामदरबार में रविवार को घरों को तोड़ने की कार्रवाई शुरू होते ही बड़ी संख्या में पुलिस कर्मचारियों को मौके पर तैनात किया गया। कार्रवाई वाले स्थान के आसपास लोगों की आवाजाही रोक दी गई। स्थानीय लोगों को काफी दूर ही रोक दिया गया, ताकि कार्रवाई के दौरान किसी तरह की स्थिति न बने।



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