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चंडीगढ़ में खुद को वाट्सएप पर कंपनी का मैनेजिंग डायरेक्टर बताकर 1.96 करोड़ ठगी के मामले में पुलिस ने तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने कंपनी के अकाउंट ऑफिसर को वाट्सऐप पर MD की प्रोफाइल फोटो लगाकर मैसेज किया और एक बैंक खाते में 1.96 करोड़ रुपए ट्रांसफर करने के निर्देश दिए। इसके बाद रकम आरोपियों से जुड़े बैंक खातों के जरिए ठगों तक पहुंचाई गई। पुलिस ने आरोपियों की पहचान अंकित कुमार, उज्ज्वल त्यागी और नितेश के रूप में की है। पुलिस के अनुसार, इन आरोपियों ने ठगी की रकम मंगवाने के लिए बैंक खातों की व्यवस्था करने, खाताधारकों को ठगों से जोड़ने और रकम निकालकर आगे पहुंचाने में भूमिका निभाई। यह मामला 17 अप्रैल 2026 को साइबर क्राइम थाना चंडीगढ़ में दर्ज किया गया था। इसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 319(2), 318(4), 336(3), 338, 340(2) और 61(2) के तहत केस दर्ज किया गया है। अकाउंट ऑफिसर को MD बनकर भेजा वाट्सऐप मैसेज पुलिस के मुताबिक, शिकायतकर्ता चंडीगढ़ के शिवालिक एन्क्लेव का रहने वाला है और उसकी कंपनी के साथ यह ठगी हुई। साइबर ठगों ने कंपनी के अकाउंट ऑफिसर से वाट्सऐप पर संपर्क किया। ठगों ने कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर का नाम और उनकी प्रोफाइल फोटो इस्तेमाल की। इससे अकाउंट ऑफिसर को लगा कि मैसेज वास्तव में कंपनी के MD की तरफ से आया है। इसके बाद ठगों ने अकाउंट ऑफिसर को एक बैंक खाते की जानकारी दी और उसमें 1.96 करोड़ रुपए ट्रांसफर करने को कहा। अकाउंट ऑफिसर ने दिए गए निर्देश के आधार पर कंपनी के खाते से रकम ट्रांसफर कर दी। ऐसे बैंक खातों तक पहुंची ठगी की रकम पुलिस जांच में सामने आया कि ठगी की रकम सीधे ठगों तक पहुंचाने के बजाय अलग-अलग बैंक खातों का इस्तेमाल किया गया। अंकित कुमार ने अपना बैंक अकाउंट उपलब्ध कराया था। यह अकाउंट उज्ज्वल और नितेश के जरिए ठगों तक पहुंचा। इस खाते में ठगी की रकम में से 3.50 लाख रुपए आए। इसके बाद अंकित ने चेक के जरिए पूरी रकम निकालकर कमीशन के बदले ठगों को सौंप दी। पुलिस के अनुसार, उज्ज्वल त्यागी ने नितेश के जरिए अंकित का बैंक अकाउंट ठगों को उपलब्ध करवाने में मदद की। उज्ज्वल ने इससे पहले भी अपना बैंक अकाउंट किसी अन्य साइबर ठगी की रकम प्राप्त करने के लिए उपलब्ध कराया था। उस मामले की शिकायत दूसरे राज्य के नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर दर्ज है। उस मामले में भी रकम निकालकर कमीशन के बदले ठगों को देने का आरोप है। नितेश ठगों और अकाउंट धारक के बीच संपर्क कराता पुलिस के मुताबिक, नितेश ने अंकित का बैंक अकाउंट उज्ज्वल के जरिए हासिल कर ठगों को उपलब्ध कराया। वह अंकित और ठगों के बीच बातचीत भी करवाता था। जांच में पुलिस को यह भी पता चला कि नितेश ने पहले भी अपना बैंक अकाउंट किसी अन्य साइबर ठगी की रकम प्राप्त करने के लिए उपलब्ध कराया था। पुलिस के मुताबिक, उस मामले में भी उसने रकम निकालकर ठगों को सौंपने का काम किया था। इस मामले में पुलिस इससे पहले 17 अगस्त 2026 को दिनेश भाटी उर्फ अरविंद चौधरी और कुलदीप उर्फ बंटू सिंह को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस के अनुसार, दोनों की गिरफ्तारी ठगी की रकम जिस बैंक खाते/कंपनी के खाते में गई थी, उससे जुड़े मामले में हुई थी। अब तीन और आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ठगी की पूरी रकम का रास्ता यानी मनी ट्रेल खंगाल रही है। पुलिस ने उज्ज्वल त्यागी और नितेश के मोबाइल फोन भी जांचे हैं। इनमें व्हाट्सऐप चैट और अन्य डिजिटल सबूत मिले हैं। इनकी जांच की जा रही है, ताकि ठगी में इन दोनों की भूमिका और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों का पता लगाया जा सके।
1.96 करोड़ की रकम का मनी ट्रेल खंगाल रही पुलिस साइबर क्राइम पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि 1.96 करोड़ रुपए की ठगी की रकम आखिर किन-किन बैंक खातों में गई और इसके अंतिम लाभार्थी कौन थे। पुलिस अलग-अलग बैंक खातों, डिजिटल सबूतों और आरोपियों के बीच हुई बातचीत की जांच कर रही है। इसके अलावा ठगी में इस्तेमाल किए गए बैंक खातों की बाकी कड़ियों का भी पता लगाया जा रहा है। जांच के दौरान इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका सामने आ सकती है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी किसी अन्य साइबर ठगी के मामले में शामिल रहे हैं या नहीं।
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चंडीगढ़ में वाट्सऐप पर MD बनकर 1.96 करोड़ ठगे:3 गिरफ्तार, नकली प्रोफाइल से अकाउंट अफसर को मैसेज कर फंड ट्रांसफर कराया
