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चंडीगढ़ में 8 साल पुराने रिश्वतखोरी मामले में आरोपी पुलिसकर्मियों पर गवाह को धमकाने के आरोप लगे हैं। मामले के मुख्य गवाह ने सीबीआई की विशेष अदालत में अर्जी दाखिल कर अपनी सुरक्षा की मांग की है। गवाह का आरोप है कि केस में गवाही देने से रोकने के लिए उसे लगातार धमकियां दी जा रही हैं। इस पर संज्ञान लेते हुए अदालत ने सीबीआई और चंडीगढ़ पुलिस के एसएसपी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।यह मामला मई 2018 का है। उस समय सीबीआई ने चंडीगढ़ पुलिस के तत्कालीन सब-इंस्पेक्टर सेवा सिंह को 5 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। आरोप था कि उसने कॉलोनी नंबर-4 निवासी मुन्ना कुमार से रिश्वत मांगी थी। बाइक जब्त करने और वारंट का डर दिखाने का आरोप मुन्ना कुमार ने अपनी शिकायत में बताया था कि वह कॉलोनी नंबर-4 में रहता है और एक प्रिंटिंग प्रेस में नौकरी करता था। उसके अनुसार, एक दिन सब-इंस्पेक्टर सेवा सिंह अपने कुछ साथी पुलिसकर्मियों के साथ अचानक उसके कार्यालय पहुंच गया। वहां पुलिसकर्मियों ने उसे डराना-धमकाना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि उसकी मोटरसाइकिल जब्त कर ली जाएगी और उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट भी जारी कराया जा सकता है। मुन्ना का आरोप था कि पुलिसकर्मियों ने कहा कि अगर वह कार्रवाई से बचना चाहता है तो उसे पैसे देने होंगे। शिकायत के मुताबिक, सब-इंस्पेक्टर सेवा सिंह ने उससे 5 हजार रुपये रिश्वत की मांग की। पुलिसकर्मियों की इस मांग और धमकियों से परेशान होकर मुन्ना कुमार ने रिश्वत देने के बजाय सीबीआई से संपर्क किया और पूरी घटना की शिकायत कर दी। सब-इंस्पेक्टर सेवा सिंह को 5 हजार रुपये रिश्वत लेते पकड़ा था शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने योजना बनाकर जाल बिछाया। जांच के दौरान सब-इंस्पेक्टर सेवा सिंह को 5 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद सीबीआई ने उनके खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज कर जांच शुरू की, जो अब अदालत में विचाराधीन है। सुरक्षा के लिए अदालत में गुहार अब इसी मामले में मुख्य गवाह मुन्ना कुमार ने सीबीआई की विशेष अदालत में अर्जी देकर कहा है कि मामले में आरोपी पुलिसकर्मी और उनसे जुड़े लोग उसे लगातार धमका रहे हैं। उसका आरोप है कि उस पर केस वापस लेने और अदालत में गवाही नहीं देने का दबाव बनाया जा रहा है। अगर वह गवाही देता है, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी जा रही है। गवाह ने अदालत को बताया कि इन धमकियों के कारण वह और उसका परिवार डरा हुआ है। उसे अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता है। इसलिए उसने अदालत से अनुरोध किया है कि उसे पुलिस सुरक्षा दी जाए, ताकि वह बिना किसी डर के अदालत में गवाही दे सके। गवाह की अर्जी पर संज्ञान लेते हुए सीबीआई की विशेष अदालत ने सीबीआई और चंडीगढ़ पुलिस के एसएसपी को नोटिस जारी कर इस मामले में जवाब मांगा है। विशेष अदालत ने मांगा जवाब गवाह की ओर से सुरक्षा की मांग वाली अर्जी दाखिल किए जाने के बाद सीबीआई की विशेष अदालत ने मामले को गंभीरता से लिया। अदालत ने माना कि यदि किसी गवाह को धमकियां मिल रही हैं, तो उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है, ताकि वह बिना किसी डर या दबाव के अदालत में अपना बयान दे सके। इसी को देखते हुए अदालत ने सीबीआई और चंडीगढ़ पुलिस के एसएसपी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अदालत ने दोनों से पूछा है कि गवाह की सुरक्षा के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं और उसकी शिकायत पर क्या कार्रवाई की गई है। अब अगली सुनवाई में सीबीआई और चंडीगढ़ पुलिस अपना पक्ष अदालत के सामने रखेंगे। इसके बाद अदालत तय करेगी कि गवाह को सुरक्षा दी जाए या इस मामले में कोई अन्य आदेश जारी किया जाए।
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चंडीगढ़ सीबीआई कोर्ट का CBI-SSP को नोटिस:रिश्वत केस में धमकाने का आरोप; 8 साल पुराने मामले में गवाह ने मांगी सुरक्षा
