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चावल की खरीद-फरोख्त के नाम पर 165 करोड़ रुपए की कथित बैंक धोखाधड़ी के मामले में बजाज बासमती प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक साहिल बजाज को चंडीगढ़ सीबीआई कोर्ट से झटका लगा है। कोर्ट ने साहिल बजाज की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी है। आरोपी पर तीन बैंकों से चावल खरीद के नाम पर लिए गए कर्ज का कथित तौर पर गलत इस्तेमाल करने का आरोप है। साहिल बजाज कई महीनों से कोर्ट में पेश नहीं हो रहे थे। इसके बाद कोर्ट ने उन्हें भगोड़ा घोषित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी। गिरफ्तारी से बचने के लिए उन्होंने अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल की और खुद को बेकसूर बताया। हालांकि, कोर्ट ने उनकी दलीलों को स्वीकार नहीं किया। सीबीआई ने तीन साल पहले दर्ज किया था केस सीबीआई चंडीगढ़ ने करीब तीन साल पहले बजाज बासमती प्राइवेट लिमिटेड और उसके निदेशक साहिल बजाज के खिलाफ केस दर्ज किया था। इसके बाद मामले में चार्जशीट सीबीआई की ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट कोर्ट में दाखिल की गई। सीबीआई के सरकारी वकील नरेंद्र सिंह ने कोर्ट में दलील दी कि आरोपी कानूनी कार्रवाई से बचने की कोशिश कर रहा है। साथ ही उसने कोर्ट में गलत रिकॉर्ड भी पेश किया है। बैंक ने पहले ही बेच दिया था आरोपी का घर सीबीआई के मुताबिक, आरोपी ने अग्रिम जमानत अर्जी में जो पता दिया, उस पते वाला घर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया पहले ही बेच चुका है। सीबीआई ने आरोप लगाया कि आरोपी ने जानबूझकर यही पता रिकॉर्ड में दिया, ताकि अदालत की कार्रवाई से बच सके। तीन बैंकों को हुआ 165 करोड़ रुपए का नुकसान आरोप के मुताबिक, कंपनी ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और अन्य बैंकों के समूह से करीब 165 करोड़ रुपए का लोन लिया था। आरोप है कि कंपनी ने इस रकम का इस्तेमाल चावल के कारोबार के बजाय दूसरे कामों में कर दिया, जिससे बैंकों को नुकसान हुआ। सीबीआई के अनुसार, कंपनी ने अपने कारोबार से संबंधित गलत रिपोर्ट बैंकों के सामने पेश की। इसके अलावा ऐसी कंपनियों के साथ भी कारोबार दिखाया गया, जो चावल के कारोबार में थीं ही नहीं। आरोप है कि कंपनी ने बैंकों से मिले कर्ज की रकम एनर्जी और टेक्सटाइल कंपनियों में लगा दी। इससे स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को 104.59 करोड़ रुपए, आंध्रा बैंक को 33.69 करोड़ रुपए और बैंक ऑफ महाराष्ट्र को 27.59 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। इसके बाद सीबीआई ने मामले में एफआईआर दर्ज की थी।
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चंडीगढ़ 165 करोड़ बैंक धोखाधड़ी-चावल कंपनी के निदेशक को झटका:अग्रिम जमानत खारिज, सीबीआई ने 3 साल पहले दर्ज किया केस
