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चंदौली जिले में प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेस-वे परियोजना के विरोध में किसान संगठनों ने सोमवार को विकास भवन के पास अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। किसान संघर्ष मोर्चा के बैनर तले दर्जनों गांवों के किसान इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। उनका आरोप है कि यह परियोजना छोटे और सीमांत किसानों को भूमिहीन बना देगी। किसानों ने कहा कि विंध्य एक्सप्रेस-वे परियोजना का उद्देश्य उनकी समझ से परे है, क्योंकि यह मुख्य रूप से व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखकर बनाई गई है। सरकार ने इस परियोजना के किसानों पर पड़ने वाले प्रभावों की कोई समीक्षा नहीं की है। किसानों के अनुसार, यह परियोजना चंदौली जिले के उपजाऊ भूमि वाले हिस्से से गुजरने वाली है। इस क्षेत्र में लघु और सीमांत किसानों की जमीनें हैं। यदि परियोजना के लिए उनकी भूमि अधिग्रहित की जाती है, तो ये छोटे किसान भूमिहीन होकर सड़क पर आ जाएंगे। प्रदर्शनकारियों ने यह भी बताया कि यह परियोजना कर्मनाशा, चंद्रप्रभा और गड़ई नदी के आसपास के इलाकों से होकर गुजरेगी। सड़क बनने से नदी के तटवर्ती क्षेत्रों में बाढ़ आने की आशंका है, जिससे किसानों की फसलें भी बर्बाद होंगी। किसानों ने मांग की है कि विंध्य एक्सप्रेस-वे परियोजना को वापस लिया जाए और इसके लिए वैकल्पिक मार्ग पर पुनर्विचार किया जाए। उन्होंने भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई को स्थगित करने और सभी प्रभावित किसानों से वार्ता कर उन्हें संतुष्ट करने की भी अपील की। इस दौरान भारतीय किसान यूनियन के मंडल अध्यक्ष मणिदेव चतुर्वेदी, सतीश चौहान, दीनानाथ श्रीवास्तव, रामदुलार कनौजिया सहित कई अन्य किसान मौजूद रहे।
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चंदौली में विंध्य एक्सप्रेस-वे परियोजना का विरोध:किसान संगठनों ने विकास भवन के पास अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया
