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चावल आवंटन पर घिरे मंत्री सिरसा:आप नेता सौरभ भारद्वाज ने पूछे 4 तीखे सवाल; कहा- कोर्ट की धमकी से मत डराइए, जवाब दीजिए'




दिल्ली की राजनीति में सब्सिडी वाले चावल के आवंटन को लेकर घमासान तेज हो गया है। आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता सौरभ भारद्वाज ने एक वीडियो बयान जारी कर दिल्ली के कैबिनेट मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा पर सीधे और गंभीर आरोप लगाए हैं। भारद्वाज ने मंत्री सिरसा को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि एक जिम्मेदार मंत्री को विपक्ष के सवालों का शांति से जवाब देना चाहिए, न कि कोर्ट की धमकी देकर डराने की कोशिश करनी चाहिए। आप नेता ने इस पूरे मामले को संदिग्ध बताते हुए मंत्री सिरसा और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से चार तीखे सवाल पूछे हैं। आप नेता ने वीडियो जारी कर मंत्री पर साधा निशाना
सौरभ भारद्वाज ने अपने वीडियो में कहा, इतना नाराज़ मत होइए मंत्री जी। लोकतंत्र में विपक्ष का काम सवाल पूछना है। एक ज़िम्मेदार मंत्री को कोर्ट की धमकी देकर डराने के बजाय शांति से जवाब देना चाहिए। जनता के राशन से जुड़े इस मामले में कई ऐसी कड़ियां हैं जो सीधे तौर पर गड़बड़ी की ओर इशारा कर रही हैं। 3 महीने तक फाइल दबने के बाद एक दम मंजूरी पर उठा सवाल आप नेता ने सवाल उठाते हुए कहा कि 3 महीने तक दबी रही फाइल, फिर एक ही दिन में सुपरफास्ट मंजूरी कैसे मिल गई। जो प्रपोजल की चिट्ठी आपके दफ्तर में पूरे तीन महीने तक धूल फांकती रही, उसे अचानक एक दिन आगे बढ़ाया गया। वहीं आप नेता ने आरोप लगाते हुए कहा कि कमाल की बात देखिए, उसी एक सिंगल डे में आपके विभाग ने उसे अप्रूवल देकर FCI को भेज भी दिया। इस सुपरफास्ट अप्रूवल के पीछे का राज क्या है। योजना में नियमों की उल्लंघना करने का लगा आरोप सौरभ नेआरोप लगाया कि सीनियर को बाईपास कर जूनियर अधिकारी को फाइल क्यों भेजी गई। नियमों को ताक पर रखकर काम क्यों किया गया। सब्सिडी वाले चावल का प्रपोजल अपने खाद्य विधान के प्रमुख को भेजने के बजाय, उनके जूनियर अधिकारी को क्यों मार्क किया। इस बाईपास के पीछे क्या मंशा थी। इतनी बड़ी डील, फिर जनता से जानकारी क्यों छिपाई
आप नेता ने कहा कि इतनी बड़ी मात्रा में सब्सिडी का चावल बांटा जाना था, यह जनता का हक था। तो फिर आपने या मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इसकी जानकारी जनता के साथ साझा क्यों नहीं की, इसे गुपचुप तरीके से क्यों अंजाम दिया गया। 3 करोड़ 10 लाख किलो चावल कहां गया, दोबारा प्रपोजल क्यों भेजा – आप नेता
एक बार कॉरपोरेशन को 31,000 मीट्रिक टन चावल मिलने के बाद, आपने अगले ही महीने दोबारा चावल का प्रपोजल फॉरवर्ड कर दिया। क्या आपने एक बार भी पूछने की जहमत उठाई कि पहले मिला 3 करोड़ 10 लाख किलो चावल किसको मिला, कैसे बंटा और कब बंटा, इसका हिसाब कहां है।



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