छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का अलर्ट:मुंगेली में महिला पर बिजली गिरी, बिलासपुर में नदी में बहे 3 बच्चों की मौत; बलरामपुर में युवक लापता




छत्तीसगढ़ में अगले 24 घंटे कुछ जगह भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट है। गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की भी आशंका है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 7 दिनों तक प्रदेश में कहीं-कहीं मध्यम से भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। इसी बीच मुंगेली में आकाशीय बिजली गिरने का लाइव वीडियो सामने आया है। रविवार दोपहर 46 वर्षीय गीता बाई खेत से काम कर घर लौट रही थीं। पंडरभठ्ठा मेन रोड पर सिर पर बर्तन लेकर पैदल जाते समय अचानक उन पर बिजली गिर गई। परिजन उन्हें अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। वहीं बिलासपुर में स्कूल से घर लौट रहे 3 बच्चे घोंघा नदी के तेज बहाव में बह गए। तीनों के शव बरामद कर लिए गए हैं। बलरामपुर के रामानुजगंज में भी कन्हर नदी का एनीकट पार करते समय एक युवक तेज बहाव में बह गया। उसकी तलाश जारी है। तस्वीरें देखिए… नाले में बहा युवक, लोगों ने बचाया रायपुर में रविवार दोपहर से 2 घंटे तक लगातार तेज बारिश हुई, जिससे कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी। गायत्री नगर में जगन्नाथ मंदिर के पास नाले में फंसे एक लड़के को रस्सी के सहारे खींचकर बचाया गया। रायपुर में आज बादल, बारिश और थंडरस्टॉर्म की संभावना शहर में आज (24 अगस्त) में बादल छाए रहने और कुछ दौर में बारिश या थंडरस्टॉर्म होने की संभावना है। शहर का अधिकतम तापमान करीब 29 डिग्री और न्यूनतम तापमान करीब 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। अंबिकापुर सबसे गर्म, पेंड्रारोड सबसे ठंडा प्रदेश में पिछले 24 घंटे के दौरान सबसे अधिक अधिकतम तापमान 32.4 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में दर्ज किया गया। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 21.6 डिग्री सेल्सियस पेंड्रारोड में रहा। आज कुछ जगह भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में प्रदेश के कुछ स्थानों पर भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना जताई है। इसके साथ ही कुछ जगह गरज-चमक के साथ बिजली गिरने का भी अलर्ट है। अगले 2 दिनों में ज्यादातर स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने की संभावना है, जबकि कहीं-कहीं भारी से अति भारी बारिश और थंडरस्टॉर्म हो सकता है। अगले 7 दिन कैसा रहेगा मौसम? मौसम विभाग के मुताबिक छत्तीसगढ़ में अगले 7 दिनों तक अलग-अलग स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश के दौर जारी रह सकते हैं। यानी बारिश की गतिविधियों में फिलहाल बड़ी राहत मिलने की संभावना नहीं है। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में स्थानीय मौसम के अनुसार बारिश की तीव्रता अलग-अलग रह सकती है। सामान्य से 8% कम बारिश हुई छत्तीसगढ़ में मानसून की बारिश का आंकड़ा अभी सामान्य श्रेणी में बना हुआ है, लेकिन जिलों के बीच बड़ा अंतर दिखाई दे रहा है। 1 जून से 22 अगस्त तक प्रदेश में औसतन 778 मिमी (30.6 इंच) बारिश हुई, जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश 844.8 मिमी (33.3 इंच) मानी जाती है। यानी प्रदेश में कुल मिलाकर सामान्य से 8% कम बारिश हुई है। हालांकि, कई जिलों में जरूरत से ज्यादा बारिश हुई है, वहीं 7 जिलों में बारिश की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। सबसे ज्यादा कमी सरगुजा जिले में दर्ज की गई है। सरगुजा में 42% कम बारिश, बेमेतरा भी पीछे 22 अगस्त तक सरगुजा में सिर्फ 502.1 मिमी (19.8 इंच) बारिश हुई, जबकि सामान्य तौर पर इस अवधि तक 872.3 मिमी (34.3 इंच) बारिश होनी चाहिए थी। यानी जिले में 42% कम बारिश हुई है। बेमेतरा में भी स्थिति लगभग ऐसी ही है। यहां 457.7 मिमी (18 इंच) बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य 772 मिमी (30.4 इंच) के मुकाबले 41% कम है। कांकेर में सामान्य से 40% कम बारिश हुई है। जशपुर में 34%, बस्तर में 27%, कोंडागांव में 23% और सुकमा में 20% बारिश की कमी दर्ज की गई है। सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 51% ज्यादा बारिश प्रदेश में सबसे ज्यादा अतिरिक्त बारिश सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में हुई है। यहां 1017 मिमी (40.0 इंच) बारिश दर्ज की गई, जबकि सामान्य बारिश 673.7 मिमी (26.5 इंच) है। यानी जिले में सामान्य से 51% ज्यादा बारिश हुई है। बलरामपुर में सामान्य से 43% ज्यादा बारिश हुई है। मुंगेली में 32%, महासमुंद में 23% और बलौदाबाजार में 22% ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।



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