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छिंदवाड़ा जिले में करीब एक महीने से विचरण कर रहा जंगली हाथी अब झिरपा रेंज के जंगलों तक पहुंच गया है। छत्तीसगढ़ से जिले में आया हाथी रविवार को सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में प्रवेश करने के बाद देलाखारी के जंगलों में पहुंचा था। मंगलवार को उसके पगमार्क और मल झिरपा रेंज के रैनीखेड़ा के पास मीराकोटा-कुडंगला के जंगल में मिले हैं। हाथी को प्रत्यक्ष रूप से किसी ने नहीं देखा है, लेकिन मिले साक्ष्यों के आधार पर वन विभाग उसकी दिशा और लोकेशन ट्रैक कर रहा है। दूधेर नदी के दूसरी ओर मिले पगमार्क वन विभाग के अनुसार मंगलवार को दूधेर नदी के दूसरी ओर झिरपा रेंज में रैनीखेड़ा के पास हाथी के पगमार्क मिले। यह क्षेत्र सामान्य वन क्षेत्र और सतपुड़ा नेशनल पार्क के देनवा बफर जोन के बीच स्थित है। हाथी देलाखारी रेंज से आगे बढ़ते हुए कुंभादेव, कपूरनाला और बम्हनी होते हुए झिरपा रेंज की ओर पहुंचा है। प्रशिक्षु आईएफएस शशांक भारद्वाज ने इसकी जानकारी दी। रात में 25 से 30 किमी तक चल रहा हाथी वन विभाग की टीम पगमार्क और मल के आधार पर हाथी की गतिविधियों पर नजर रख रही है। अधिकारियों के मुताबिक हाथी दिन के समय घने जंगल में छिपा रहता है और रात में करीब 25 से 30 किलोमीटर तक का सफर तय कर रहा है। इसी वजह से उसका प्रत्यक्ष रूप से पता लगाना मुश्किल हो रहा है। झिरपा वन परिक्षेत्र अधिकारी रघुवंश सिंह ने बताया कि हाथी की निगरानी के लिए टीम गठित की गई है। टीम लगातार क्षेत्र में गश्त कर रही है और पगमार्क समेत अन्य साक्ष्यों के आधार पर उसकी दिशा का पता लगाया जा रहा है। आगे किस दिशा में बढ़ेगा, वन अमले की नजर वन विभाग की निगरानी के बीच अब हाथी के झिरपा रेंज से आगे बढ़ने की दिशा पर नजर रखी जा रही है। घने जंगल और रात में तेज गति से चलने के कारण वन अमला पगमार्क और अन्य साक्ष्यों के सहारे उसकी लोकेशन ट्रैक कर रहा है।
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छिंदवाड़ा के जंगल में हाथी, कैमरों से नजर नहीं आया:पगमार्क और मल से वन विभाग कर रहा ट्रैकिंग
