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युवक से थाने ले जाकर 5 लाख की रंगदारी मांगी:हथियार पकड़ाकर बनाया वीडियो, 1.05 लाख नकद वसूलने की शिकायत




जौनपुर के सुरेरी थाना क्षेत्र में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। वाराणसी के एक युवक ने पांच पुलिसकर्मियों समेत पांच लोगों पर उसे जबरन थाने ले जाने, पांच लाख रुपए की रंगदारी मांगने और कथित अवैध हथियार बरामदगी का फर्जी वीडियो बनाने का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता का दावा है कि मारपीट और धमकी देकर उससे 1.05 लाख रुपए नकद लिए गए। इसके अलावा अलग-अलग खातों में ऑनलाइन रकम भी ट्रांसफर कराई गई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बड़ागांव थाना क्षेत्र के चिलबिला गांव निवासी सुशील कुमार पाण्डेय के मुताबिक, 13 सितंबर की सुबह वह घर से करीब 500 मीटर दूर मंदिर जा रहे थे। इसी दौरान परिचित राजेंद्र दूबे कार लेकर पहुंचा। आरोप है कि कार में पहले से तीन-चार लोग बैठे थे। सुशील को कार में बैठने के लिए कहा गया और इसके बाद उसे सुरेरी थाने ले जाया गया। शिकायतकर्ता का कहना है कि कार में मौजूद लोगों ने खुद को पुलिसकर्मी बताया और उसे डराया-धमकाया। हाथ में हथियार पकड़ाकर वीडियो बनाने का आरोप सुशील ने शिकायत में आरोप लगाया कि थाने में उसके हाथ में कथित तौर पर अवैध हथियार पकड़ाकर वीडियो बनाया गया। आरोप है कि इसका मकसद यह दिखाना था कि हथियार उसी के पास से बरामद हुआ है। उसने अधिकारियों को बताया कि उसके पास न कोई अवैध हथियार था और न गांजा। शिकायतकर्ता के मुताबिक, उसे झूठे मुकदमे में फंसाकर जेल भेजने की धमकी दी गई और सादे कागज पर हस्ताक्षर भी कराए गए। 5 लाख मांगे, 1.05 लाख नकद लेने का आरोप शिकायतकर्ता का आरोप है कि उसे छोड़ने के बदले पांच लाख रुपए की मांग की गई। रकम नहीं देने पर उसे और परिवार के सदस्यों को जेल भेजने की धमकी दी गई। इसके बाद परिवार ने 1.05 लाख रुपए नकद दिए। शिकायत में मोबाइल से 55 हजार, 5 हजार और 299 रुपए अलग-अलग खातों में ऑनलाइन ट्रांसफर कराने का भी जिक्र किया गया है। आरोप है कि रकम देने के बाद भी उसे धमकाया गया कि शिकायत करने या वीडियो वायरल करने पर पैर में गोली मार दी जाएगी। वीडियो और लेनदेन की जांच से खुलेगा मामला सुशील ने अधिकारियों से कथित वीडियो, ऑनलाइन लेनदेन, सादे कागज पर कराए गए हस्ताक्षर और असलहा बरामदगी की निष्पक्ष जांच की मांग की है। मामले में राजेंद्र दूबे और कुछ अज्ञात पुलिसकर्मियों समेत अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। अब जांच में यह देखा जाएगा कि युवक को थाने तक कैसे लाया गया, कथित हथियार कहां से आया, वीडियो किसने बनाया और नकद व ऑनलाइन रकम किसके कहने पर ली गई। पुलिसकर्मियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।



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