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सिरसा में कांग्रेस नेता के पोते की तेजधार हथियारों से वार कर हत्या कर दी गई। उसके भाई और भतीजे पर भी हमला किया गया। करीब 27 हमलावरों ने तीनों को बस स्टैंड के पास घेरकर लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से ताबड़तोड़ हमला किया। तीनों ने बचने की कोशिश की, लेकिन हमलावरों ने पीछा कर लगातार वार किए। तीनों के गंभीर घायल होने के बाद हमलावर फरार हो गए। आसपास के लोगों ने घायलों को सिविल अस्पताल पहुंचाया, जहां कांग्रेस नेता के पोते की मौत हो गई। वारदात का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें हमलावर आते और हमला करने के बाद भागते दिखाई दे रहे हैं। मृतक की पहचान कुलबीर सिंह उर्फ निक्का (42) के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, निक्का के दादा पोहला सिंह गिल कांग्रेस नेता हैं। वे झोरड़ रोही गांव के सरपंच और ब्लॉक समिति सदस्य भी रह चुके हैं। उन्होंने जिला परिषद का चुनाव भी लड़ा था, लेकिन हार गए थे। शुरुआती जांच में सामने आया है कि निक्का शराब ठेका संचालक की हत्या के मामले में जेल गया था। कोर्ट ने उसे इस मामले में 20 साल की सजा सुनाई थी। फिलहाल वह जमानत पर बाहर था। हत्या के इस मामले में पोहला सिंह भी नामजद हैं। रोड़ी थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है। निक्का की हत्या की दो तस्वीरें… पहले वह मामला जानिए जिसमें निक्का को सजा हुई…. 8 साल पहले हुई थी शराब ठेकेदार की हत्या पुलिस के अनुसार, निक्का सिंह के दादा पोहला सिंह कांग्रेस के सक्रिय नेता हैं, जिनका पहले से झोरड़ रोही गांव में विवाद चल रहा है। करीब आठ साल पहले गांव के ही शराब ठेकेदार गंगा सिंह के साथ उनका झगड़ा हो गया था। इसमें गंगा सिंह की पीट-पीट कर हत्या कर गई थी। इस माामले में पोहला सिंह और निक्का सहित पांच लोगों को नामजद कराया गया था। शराब के ठेके को लेकर हुआ था विवाद पुलिस सूत्रों की मानें तो गंगा सिंह के मर्डर पीछे शराब के ठेके का विवाद सामने आया था। कांग्रेस नेता पोहला सिंह पहले शराब ठेका चलाते थे। गंगा सिंह का भी शराब ठेका था। शराब ठेके को लेकर ही दोनों पक्षों में विवाद हुआ था। हत्या के बाद से पुलिस ने निक्का को अरेस्ट कर जेल भेज दिया था। बाद में कोर्ट से उसे 20 साल की सजा हुई थी। अब जानिए निक्का सिंह की हत्या कैसे हुई…. दो दिन पहले दोनों पक्षों में हुई कहासुनी पुलिस के मुताबिक, करीब डेढ़ साल पहले निक्का जमानत पर बाहर आया था। दो दिन पहले किसी बात को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई थी। तब मामला शांत करा दिया गया था। शुक्रवार रात करीब 10.30 बजे निक्का अपने भाई रणधीर सिंह और भतीजे जगदीप सिंह के साथ खेत की सिंचाई करने के लिए जा रहा था। इस दौरान रास्ते में तीनों को घेरकर हमला कर दिया गया। सरकारी अस्पताल में तोड़ा दम हमले में निक्का सिंह, रणधीर सिंह और जगदीप सिंह घायल हो गए। हमलावरों के भागने के बाद आसपास के लोगों ने तीनों घायलों को सरकारी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने निक्का सिंह को मृत घोषित कर दिया। उसके भाई और भतीजे की हालत गंभीर है, जिनका इलाज चल रहा है। दो बच्चों के पिता थे निक्का सिंह निक्का की मौत की सूचना मिलते ही परिजन भी रोते-बिलखते अस्पताल पहुंचे। परिजनों के मुताबिक, निक्का के दो बड़े भाई हैं, जबकि वह दो बेटों (5 और 7 साल) के पिता थे। पुलिस ने परिवार के लोगों के बयान भी दर्ज किए। साथ ही शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। परिवार ने पुलिस को 17 लोगों के नाम सौंपे हत्या की सूचना मिलते ही रोड़ी पुलिस मौके पर पहुंची हुई और घटनास्थल का जायजा लिया। SHO अनिल कुमार ने बताया कि हमलावरों की जानकारी जुटाई जा रही है। परिवार की ओर से शिकायत दी गई है, जिसमें 17 लोगों के नाम लिखे हुए हैं। फिलहाल, पुलिस ने परिवार की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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जमानत पर आए कांग्रेस नेता के पोते का मर्डर,VIDEO:सिरसा में 27 लोगों ने घेरकर मारा, भाई-भतीजा घायल; शराब ठेकेदार की हत्या की थी
