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सिद्धार्थनगर के खेसरहा थाना क्षेत्र के टिकुइया गांव में जमीन के एक-तिहाई हिस्से को लेकर फर्जी बैनामा और जालसाजी का मामला सामने आया है। आरोप है कि पुराने जमीन सौदे का फायदा उठाकर फर्जी बैनामा तैयार कराया गया और जमीन मालिक के नाम से फर्जी हस्ताक्षर कर चकबंदी न्यायालय बांसी में समझौतानामा दाखिल कर दिया गया। शिकायतकर्ता के मुताबिक, इसी आधार पर जमीन अपने नाम करा ली गई। मामले में 54 दिन बाद कोर्ट के आदेश पर 13 सितंबर को मुकदमा दर्ज किया गया है। 0.677 हेक्टेयर जमीन में एक-तिहाई हिस्से का विवाद टिकुइया निवासी हकीकुल्लाह पुत्र मोलहू के मुताबिक, विवाद गाटा संख्या 201, रकबा 0.677 हेक्टेयर जमीन से जुड़ा है। चकबंदी के बाद इस जमीन के नए गाटा नंबर 363, 364, 365 और 366 हो गए हैं। हकीकुल्लाह का दावा है कि वह इस जमीन के एक-तिहाई हिस्से के मालिक हैं। 2018 में 6 लाख में सौदा तय होने का दावा हकीकुल्लाह के अनुसार, 16 मई 2018 को आरोपियों के साथ उनके हिस्से की जमीन को 6 लाख रुपए में खरीदने की बात तय हुई थी। आरोप है कि इसी दौरान पुराने परिचय और भरोसे का फायदा उठाकर उनके नाम से फर्जी बैनामा तैयार कराया गया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि आरोपियों ने उसके नाम से फर्जी हस्ताक्षर कर चकबंदी न्यायालय बांसी में समझौतानामा दाखिल कर दिया। इसी के आधार पर जमीन अपने नाम करा ली गई। हकीकुल्लाह ने समझौतानामे पर किए गए अपने हस्ताक्षर को भी फर्जी बताया है।
5 लाख रुपए भुगतान दिखाने का आरोप मामले में 5 लाख रुपए के भुगतान को लेकर भी विवाद है। हकीकुल्लाह का आरोप है कि बैनामे में 5 लाख रुपए दिए जाने का उल्लेख किया गया, जबकि उसे यह रकम मिली ही नहीं। उसका कहना है कि वह लंबे समय से आरोपियों से रकम की मांग करता रहा, लेकिन हर बार उसे टाल दिया गया। धान की रोपाई के अगले दिन खेत जोतने का आरोप हकीकुल्लाह के मुताबिक, 20 जुलाई 2026 को उसने विवादित जमीन पर धान की रोपाई कराई थी। अगले दिन 21 जुलाई की सुबह करीब 8 बजे जब वह खेत पहुंचा तो आरोप है कि जहांआरा, अब्दुल हकीम, मो. वसीम और अवधेश ट्रैक्टर से खेत जोत रहे थे। हकीकुल्लाह ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो 5 लाख रुपए की मांग को लेकर विवाद होने का आरोप है। शिकायतकर्ता ने आरोपियों पर गाली-गलौज करने और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया है। पुलिस से कार्रवाई नहीं हुई तो कोर्ट पहुंचा हकीकुल्लाह का आरोप है कि उसने मामले की शिकायत पुलिस से की, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने अदालत का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के आदेश के बाद 13 सितंबर को खेसरहा थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस अब फर्जी बैनामा, समझौतानामे में किए गए हस्ताक्षर और जमीन के स्वामित्व से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है।
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जमीन सौदे में फर्जी बैनामा और जालसाजी का आरोप:सिद्धार्थनगर में 54 दिन बाद कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज, पुलिस से कार्रवाई नहीं की थी
