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जयपुर में सैकड़ों युवतियों ने निकाली मिडनाइट वॉक:महिला सुरक्षा को लेकर उठाई आवाज; बोलीं- रात हुई तो आजादी कम क्यों हो




‘क्या रात होने के बाद आजादी कम हो जाती है?’ इसी सवाल के साथ बुधवार रात को जयपुर में महिलाओं और लड़कियों ने मिडनाइट वॉक निकाली। जवाहर सर्किल पर जेएलएन मार्ग से शुरू हुई इस वॉक में जयपुर के अलग-अलग इलाकों से आईं सैकड़ों युवतियों और महिलाओं ने हिस्सा लिया। जवाहर सर्किल के आसपास पैदल मार्च करते हुए युवाओं ने महिला सुरक्षा, सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं की स्वतंत्र आवाजाही, छेड़छाड़ और यौन हिंसा जैसे मुद्दों को लेकर आवाज बुलंद की। वॉक के दौरान युवाओं ने हाथों में जागरूकता संदेश लिखे पोस्टर लिए और नारे लगाते हुए जवाहर सर्किल का चक्कर लगाया। उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए शहर की सड़कें और सार्वजनिक स्थान दिन हो या रात, समान रूप से सुरक्षित होने चाहिए। कार्यक्रम में महिलाओं ने अपने अनुभव और विचार शेयर किए। इस मौके पर चर्चा के साथ कविता, गीत और गिटार से भी अपनी दिल की बात बताई। पहले देखें PHOTOS ‘सुरक्षा हमारा अधिकार है, कोई अहसान नहीं’ मिडनाइट वॉक के दौरान महिला सुरक्षा को लेकर कई तरह के नारे लगाए गए। इन नारों के जरिए प्रतिभागियों ने महिलाओं के खिलाफ होने वाली हिंसा और अपराधों के बाद महिलाओं के व्यवहार, कपड़ों या बाहर निकलने को लेकर सवाल उठाने पर भी नाराजगी जाहिर की। जवाहर सर्किल का लगाया चक्कर जवाहर सर्किल पर जुटने के बाद युवतियों ने पैदल मार्च शुरू किया। पूरे रास्ते महिला सुरक्षा से जुड़े नारे गूंजते रहे। आयोजन के दौरान पुलिस भी मौजूद रही। आयोजक मुकुल मिश्रा ने बताया- महिलाओं की सुरक्षा, सार्वजनिक जगहों पर उनके अधिकार, छेड़छाड़ और रात में बिना डर शहर में घूमने की आजादी जैसे मुद्दों पर खुलकर बातचीत करना मुख्य उद्देश्य रहा। अलग-अलग इलाकों से पहुंचीं युवतियां आयोजक ने बताया- जयपुर के अलग-अलग क्षेत्रों से युवतियां और महिलाएं इस वॉक में शामिल हुईं। प्रतिभागियों ने मांगों को सार्वजनिक रूप से सामने रखा। वॉक के दौरान कुछ प्रतिभागियों ने अपने हाथों से तैयार किए जागरूकता पोस्टर भी प्रदर्शित किए। पैदल मार्च के साथ प्रतिभागियों ने अपनी बात गीत और कविताओं के जरिए भी रखी। ‘अब जिएगी सिमरन अपनी जिंदगी’ वॉक के दौरान ‘अब जिएगी सिमरन अपनी जिंदगी’ जैसे नारे भी सुनाई दिए। गर्ल्स ने कहा- महिलाओं की आजादी को समय के आधार पर सीमित नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा- रात में सड़क पर निकलने को लेकर महिलाओं के मन में डर की स्थिति को बदलने के लिए समाज, प्रशासन और नागरिकों को मिलकर काम करना होगा। कार्यक्रम के दौरान ‘कोई तो सूद चुकाएगा, कोई तो जिम्मा ले, उस इंकलाब का जो आज तक उधार सा है’ जैसे नारों के जरिए भी गर्ल्स ने महिला सुरक्षा को लेकर भावनाएं व्यक्त कीं।



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