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जालंधर में महिला SHO-डिस्ट्रीब्यूर में तीखी बहस:डुप्लीकेट टूल्स के दावे पर हंगामा, गुरुग्राम की कंपनी ने करोड़ों का माल पकड़ा, थाना-2 पुलिस पहुंची




जालंधर के कपूरथला चौक के पास टूल्स डिस्ट्रीब्यूटर गोल्डन टूल्स पर थाना-2 SHO अनु पलियाल और डिस्ट्रीब्यूटर के बीच तीखी बहस का वीडियो सामने आया है। कार्रवाई के दौरान SHO कहती हैं कि इतना डुप्लीकेट माल पकड़ा है, क्या पूरे देश में बेच रहे थे। एक बार कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई हुई तो रास्ता नहीं मिलेगा। एसएचओ ये भी कहती सुनी गईं कि आपने मुझे फोन क्यों नहीं किया।
इस बीच डिस्ट्रीव्यूर ने भी SHO के इस अंदाज का जवाब दिया और कहा कि आप लैब टेस्ट के बिना पहले ही कैसे तय कर रही हैं कि हमारा माल डुप्लीकेट है। हमारे पास बिल हैं और आपको बिलिंग का माल भी देखना चाहिए। हम पर जो हमला हुआ और हमारे स्टोर मे जो शराबी लेबर घुसी उस पर बात क्यों नहीं कर रहीं।
डिस्ट्रीब्यूटर ने जब कहा कि हम CP सतिंदर सिंह से मिलकर उनके सामने भी मामला रखें तो SHO बोलीं जहां मर्जी चले जाओ। मेरी तरफ से अभी चले जाओ और कार्रवाई में बाधा न डालें। मैं अपने IO की बात सुनूंगी न कि आपकी। जब डिस्ट्रीब्यूर ने कहा कि आपके थाने का नंबर उनके पास नहीं था और थाना-1 का नंबर था तो SHO ने कहा कि यहां कार्रवाई थाना-1 के अधिकारी करेंगे क्या। अगर उनका नंबर है तो बताओ क्या नंबर है।
SHO की इस तरह की बहस ने पंजाब पुलिस की बातचीत के लहजे और कार्रवाई के अंदाज की भी पोल खोली है। हालांकि पुलिस ने कार्रवाई से गुरेज नहीं किया और संदिग्ध माल को ट्रकों में लदवाकर थाने ले गई।
पॉवर टूल सेम मार्का से डुप्लीकेट बनाने का दावा
दरअसल डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर पर बुधवार देर रात ट्रेडमार्क उल्लंघन और डुप्लीकेट सामान के आरोप को लेकर गुरुग्राम की कंपनी और जालंधर के उस कंपनी का माल बेचने वाले डिस्ट्रीब्यूटर के बीच हंगामा हुआ। गुरुग्राम से पॉवर टूल्स कंपनी की लीगल टीम ने पुलिस को साथ लेकर दुकान और उसके गोदामों पर छापेमारी की। जांच के दौरान लोहे को काटने वाले कट-ऑफ व्हील और डायमंड सॉ ब्लेड जैसे उत्पादों में डुप्लीकेसी होने का दावा किया गया। दावा-हमारे ट्रेड मार्क से डुप्लीकेट सामान बेचा जा रहा
कंपनी के प्रतिनिधि आशीष ने बताया कि उनकी टीम बुधवार सुबह से ही शहर में मौजूद थी। कानूनी टीम ने पहले एक ग्राहक भेजकर सामान मंगावाया को डुप्लीकेसी की जांच की। प्रतिनिधि का आरोप है कि जालंधर के गोल्डन डिस्ट्रीब्यूटर पिछले 40 सालों से उनकी कंपनी से जुड़े हैं, लेकिन हाल के दिनों में केवल 20 प्रतिशत असली माल खरीदकर बाकी 80 प्रतिशत नकली माल कंपनी के नाम व ब्रांड का इस्तेमाल करके बेचा जा रहा था। डिस्ट्रीब्यूटर बोले-सामान के बिल हैं, गलत फंसा रहे
दूसरी ओर गोल्डन डिस्ट्रीब्यूटर के मालिक ने कंपनी के सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनके पास दुकान में मौजूद पूरे सामान के बिल उपलब्ध हैं और उन्हें गलत तरीके से फंसाया जा रहा है। छापेमारी के दौरान पुलिस और दुकान मालिक के बीच काफी बहस भी हुई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शिकायतकर्ताओं की जांच रिपोर्ट और पुख्ता सबूतों के आधार पर ट्रेडमार्क उल्लंघन के तहत केस दर्ज किया गया है। मौके पर हुए मामूली विवाद को तुरंत शांत करवा दिया गया था और फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।



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