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जालंधर में लॉटरी बेचने वाले सरबजीत की चमकी किस्मत:45 साल से बेच रहे थे लॉटरी, दुकान में बची 120 रुपये की टिकट से खुद बने लखपति




जालंधर के प्रसिद्ध भगवान वाल्मीकि चौक स्थित कुकरेजा लॉटरी के संचालक सरबजीत सिंह की किस्मत रातों-रात चमक गई है। पिछले 45 सालों से दूसरों को लखपति और करोड़पति बनाने वाले सरबजीत ने अपनी ही दुकान में बची एक लॉटरी टिकट से 1 लाख रुपये का पहला इनाम जीत लिया है। मात्र 120 रुपये की ‘राजश्री’ लॉटरी की टिकट ने उनकी सालों पुरानी मेहनत और कोशिशों को रंग ला दिया, जिससे पूरे परिवार और आसपास के दुकानदारों में खुशी की लहर दौड़ गई है। जालंधर के भगवान वाल्मीकि चौक के पास स्थित सब्जी मंडी में ‘कुकरेजा लॉटरी’ एक जाना-माना नाम है। इस दुकान को सरबजीत सिंह पिछले 45 वर्षों से चला रहे हैं। इतने लंबे समय में उन्होंने अनगिनत लोगों को लॉटरी बेचकर उनकी किस्मत बदलते देखा है, लेकिन इस बार नियति ने खुद उनके लिए एक खास सरप्राइज तय कर रखा था। मामले के बारे में जानकारी देते हुए सरबजीत सिंह ने बताया कि वह पिछले कई सालों से दूसरों की किस्मत संवारने के साथ-साथ कभी-कभार खुद भी लॉटरी खरीदकर अपनी किस्मत आजमाया करते थे। हालांकि, अब तक उन्हें कोई बड़ा इनाम हाथ नहीं लगा था, लेकिन दो दिन पहले घटी एक घटना ने सब कुछ बदल दिया। सरबजीत के अनुसार, दो दिन पहले उनकी दुकान पर ‘राजश्री’ लॉटरी की 10 टिकटों की एक पूरी कॉपी बिना बिके रह गई थी। जब कोई ग्राहक उसे खरीदने नहीं आया, तो उन्होंने सोचा कि क्यों न इस बार वह खुद इस बची हुई टिकट पर अपनी किस्मत आजमाएं। उन्होंने महज 120 रुपये की वह लॉटरी टिकट अपने पास ही रख ली। जब लॉटरी का परिणाम घोषित हुआ, तो सरबजीत की खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा। उनकी खरीदी हुई 120 रुपये वाली ‘राजश्री’ लॉटरी पर 1 लाख रुपये का पहला इनाम निकला था। सालों से दूसरों की किस्मत चमकाने वाले लॉटरी संचालक के खुद लखपति बनते ही उनके चेहरे पर एक अलग ही रौनक आ गई। जैसे ही इस बात की खबर आसपास के अन्य दुकानदारों और बाजार के लोगों को मिली, वहां जश्न का माहौल बन गया। साथी दुकानदारों ने सरबजीत को गले लगाया, उनका मुंह मीठा कराया और इस शानदार जीत के लिए उन्हें ढेर सारी बधाइयां दीं। सरबजीत सिंह ने खुशी जाहिर करते हुए कहा, “हम हर दिन लोगों को करोड़पति और लखपति बनाते हैं। ऐसे में मन में हमेशा यह ख्याल आता था कि कभी अपनी किस्मत भी आजमाकर देखनी चाहिए। अब तक मैं 5 से 10 बार प्रयास कर चुका था, लेकिन आज भगवान वाल्मीकि जी की कृपा से मेरी किस्मत चमक ही गई।” उन्होंने यह भी बताया कि उनकी इस 45 साल पुरानी दुकान से अब तक लगभग 7 से 8 ग्राहकों के बड़े-बड़े इनाम निकल चुके हैं और वे लखपति बन चुके हैं। लेकिन खुद अपनी दुकान से इनाम जीतना उनके लिए एक बेहद अनोखा और यादगार अनुभव रहा। इनाम जीतने की पुष्टि होते ही सरबजीत ने सबसे पहले अपने परिवार को फोन करके लखपति बनने की खुशखबरी दी। यह खबर सुनते ही उनके घर में खुशियों का माहौल छा गया और रिश्तेदारों व परिचितों के बधाई संदेश आने शुरू हो गए।



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