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जीत के लिए निषाद पार्टी भाजपा का सिंबल लेती है:बोले अरविंद राजभर; कहा- दूसरी पार्टी की सदस्या लूंगा तो मेरा दल खत्म हो जाएगा




सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा)के राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव डा. अरविंद राजभर ने अपने गठबंधन के सहयोगी दल निषाद पार्टी को लेकर बड़ी बात कही है। उन्होंने कहा कि जितना मैं सोच पाता हूं, निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. संजय निषाद अपने परिवार के लोगों की जीत के लिए भाजपा का सिंबल चुनाव में लेते हैं। उनका मानना है कि उनके बेटे भाजपा के सिंबल पर आसानी से जीत सकते हैं। इसीलिए उस सिंबल के लिए इंटरेस्टेड रहते हैं। जीतने के बाद पार्टी का ही काम करना है।
डा. राजभर ने कहा कि सुभासपा ऐसा कभी नहीं करेगी। हम कुछ सीटों पर अपने ही सिंबल पर लड़ेंगे। उनका इशारा अपने पिता ओमप्रकाश राजभर एवं स्वयं को लेकर था। उनके भाई भी इस बार अतरौलिया से दावेदारी कर रहे हैं, उनकी ओर भी अरविंद राजभर का इशारा था। उनका कहना है “मैं अपनी पार्टी का राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव हूं। मेरे हस्ताक्षर से पार्टी चलती है। मैंने दूसरी पार्टी की सदस्यता ले ली तो मेरी पार्टी खत्म हो जाएगी।” अरविंद राजभर गोरखपुर में युवा भविष्य सम्मेलन को संबोधित करने आए थे। सिंबल की बात को लेकर टूटा था गठबंधन डा.अरविंद एवं उनकी पार्टी सिंबल को लेकर काफी गंभीर रहती है। उनका कहना है कि यदि मैंने भाजपा के सिंबल को स्वीकार किया होता तो आज दो बार का सांसद और केंद्र में मंत्री होता। 2019 में मुझे घोषी से भाजपा के सिंबल पर लड़ने को कहा गया। उन्हें लगता था कि सुभासपा के सिंबल पर जीत नहीं मिलने वाली। लेकिन हम तैयार नहीं थे। नतीजा हुआ कि हमारा गठबंधन टूट गया। 2024 में फिर यह बात आयी लेकिन हम अपने ही सिंबल पर चुनाव लड़े। परिणाम के बारे में सभी जानते हैं। उन्होंने कहा कि यदि हमारे कुछ प्रत्याशी को भाजपा अपना सिंबल देना चाहेगी तो हम तैयार हैं। इसी तरह भाजपा अपने कुछ लोगों को सुभासपा के सिंबल पर लड़ाना चाहेगी तब भी हम तैयार हैं। लेकिन कुछ सीटों पर तो पार्टी अपने ही सिंबल पर लड़ेगी। सपा को बताया भस्मासुर डा. अरविंद राजभर ने कहा कि समाजवादी पार्टी भस्मासुर है। वह चाहती है कि निषाद पार्टी पर हाथ रख दें, वो खत्म हो जाए। सुभासपा पर हाथ रख दें, हम खत्म हो जाएं। हमें यह बात समझ में आ गई इसलिए हम ऐसे गठबंधन के साथ हैं, जो अपने सहयोगियो को राष्ट्रीय स्तर पर प्रमोट करती है। उन्होंने शिवपाल यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि वह बार-बार कहते हैं कि बिंद, केवट, मल्लाह, चौहान, प्रजापति, राजभर जैसी जातियां नीच हैं। आज देश ने कितनी तरक्की कर ली लेकिन उनकी सोच वहीं अटकी है। वे संविधान को खतरे में बताते हैं लेकिन उनकी सोच संविधान विरोधी है। जब भी मौका मिलता है डा. संजय निषाद की पैरवी करते हैं
डा. अरविंद राजभर ने कहा कि जब भी हम गठबंधन के साथी मिलते हैं तो मैं डा. संजय निषाद की पैरवी करता हूं। कहता हूं कि इन्हें छोटा विभाग मिला है, कुछ और विभाग दे दिया जाए। जिससे अपने समाज की सेवा कर सकें। हम सब दिल्ली गए थे एनडीए की बैठक में तो वहां डा. संजय निषाद और हमारे नेता ओमप्रकाश राजभर का खूब जलवा था। हमें सीटों के पेंच में नहीं फंसना चाहिए आजमगढ़ की अतरौलिया सीट को लेकर डा. संजय के बयान पर टिप्पणी करते हुए डा. अरविंद राजभर ने कहा कि अतरौलिया सीट पर किसी तरह का पेंच नहीं है। हम सब मिलकर आपस में बात करेंगे। पिछली बार निषाद पार्टी अकेले थी तो सबसे ज्यादे सीट मिली थी। इस बार हम दोनों लोग साथ हैं। यह तय है कि जब सीटों की सूची आएगी तो 60 प्रतिशत सीटें कॉमन हो सकती हैं। ऐसे में फैसला एनडीए के शीर्ष नेतृत्व का होगा। यहां बात केवल सिंगल सीट की नहीं है। हम सीटों के झगड़े में नहीं उलझेंगे और सुभासपा, निषाद पार्टी मिलकर एनडीए की सरकार बनाएंगे क्योंकि यह आम लोगों के भविष्य का चुनाव है। हम अयोध्या के सिस्टम से दुखी डा. अरविंद राजभर ने कहा कि वह अयोध्या प्रकरण को लेकर नहीं बल्कि वहां के सिस्टम को लेकर दुखी हैं। वहां विश्वस्तरीय मंदिर बनकर तैयार हुआ। लेकिन एक प्रकार का षडयंत्र करके जैसी स्थिति पैदा की गई, वह दुखद है। लेकिन मुख्यमंत्री ने कड़ी कार्रवाई कराई है। उन्होंने 15 दिन का समय मांगा था और 9 दिन में ही सारे दोषी पकड़े गए। जनता को योगी आदित्यनाथ पर भरोसा है कि वह रहेंगे तो कुछ गलत नहीं होगा और गलत करने वाले छोड़े नहीं जाएंगे। हमारे कार्यकर्ताओं ने एथेनाल से समस्या नहीं बताई एथेनॉल को लेकर आ रही बातों पर उन्होंन कहा कि हमारे किसी कार्यकर्ता ने आज तक एथेनाल से कोई दिक्कत नहीं बताई। हां, मर्सडीज वाले, बीएमडब्ल्यू वाले जरूर इससे समस्या बताते हैं। इस मामले में पेट्रोलियम मंत्री व ट्रांसपोर्ट मंत्री के बयान के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।



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