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नौकरी की दुनिया में एक नया और अजीब ट्रेंड चर्चा में है। कई माता-पिता अब वयस्क हो रहे जेन-जी बच्चों के करिअर में सिर्फ नैतिक सहारा नहीं बन रहे, बल्कि सीधा दखल भी दे रहे हैं। कहीं हायरिंग मैनेजर को कॉल, कहीं बच्चे की ओर से आवेदन, तो कहीं जूम इंटरव्यू के दौरान स्क्रीन से छिपकर बच्चों को जवाब देने में सुझाव दे रहे हैं। अमेरिका और ब्रिटेन समेत यूरोपीय देशों में यह ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है। यानी जेन-जी की नौकरी की दुनिया में ‘हेलीकॉप्टर पैरेंटिंग’ अब घर से निकलकर ऑफिस के दरवाजे तक पहुंच गई है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि कुछ युवा खुद इस मदद को असहज मानते हैं, क्योंकि इससे उनकी पूरी पीढ़ी पर ‘हाथ पकड़कर चलने’ की छवि बन रही है। साथ ही कंपनियों का ऐसे युवाओं से भरोसा भी कम हो रहा है। इसके बावजूद माता-पिता बच्चों की नौकरी में दखलंदाजी कर रहे हैं। युवक को नौकरी से निकाला, तो मां ने बॉस को फोन किया अमेरिका में एक कंपनी के सीओओ स्टीवन क्लार्क ने 24 साल के कर्मचारी को पहले काम से निकाला। कारण था- नौकरी के पहले हफ्ते में वह चार बार देर से आया या काम पर नहीं पहुंचा। कुछ घंटे बाद क्लार्क को उसकी मां का फोन आया। उन्होंने बेटे को एक और मौका देने की गुहार लगाई। यह अकेला मामला नहीं है। ह्यूमन रिसोर्स प्रोफेशनल्स के मुताबिक अब पैरेंट्स नौकरी के आवेदन का स्टेटस पूछने, रिज्यूमे देने व इंटरव्यू में साथ आने लगे हैं। कुछ ऐसे मामले भी सामने आए, जिसमें वेतन और बीमा पर बातचीत में भी माता-पिता शामिल हुए। हर 5 में 1 जेन-जी के इंटरव्यू में पैरेट रिज्यूमे सर्विस जेटी ने इस साल जेन-जी कर्मचारियों पर सर्वे किया। इसमें 20% ने कहा कि उनके माता-पिता जॉब इंटरव्यू में शामिल हुए। 21% ने बताया कि पैरेंट ने उनकी ओर से संभावित नियोक्ता या भर्ती करने वाली कंपनी के मैनेजर से संपर्क किया। 44% ने कहा कि माता-पिता ने उनका रिज्यूमे बनाने या एडिट करने में मदद की। चौंकाने वाली बात यह है कि माता-पिता के दखल से युवा भी असहज हैं। 55% जेन-जी ने ने कहा कि बिना बताए माता-पिता का उनके बॉस से संपर्क करना उन्हें शर्मिंदा या परेशान करेगा। वहीं, मैनेजर्स का कहना है कि कंपनियां पैरेंट्स के दखल वाले उम्मीदवारों को खारिज कर रही हैं। माता-पिता का तर्क: नौकरी अब पहले जैसी आसान नहीं कुछ पैरेंट्स मानते हैं कि वे सिर्फ नेटवर्क बनाने या मुश्किल हालात में मदद कर रहे हैं, क्योंकि नौकरी का बाजार अब पहले जैसा आसान नहीं है। कॅरिअर विशेषज्ञ जैस्मिन एस्केलेरा के अनुसार, कोरोना के बाद इंटरव्यू तक पैरेंट्स के साथ आने से शुरू हुआ चलन अब ‘कॅरिअर को-पायलटिंग’ तक पहुंच रहा है। 2022 में फ्रंटियर्स इन साइकोलॉजी में प्रकाशित युवाओं पर एक शोध में पाया गया कि अधिक ‘हेलीकॉप्टर पैरेंटिंग’ महसूस करने वाले युवाओं में करिअर की स्वीकार्यता और गहराई से करिअर विकल्प तलाशने की क्षमता कम, जबकि खुद पर संदेह ज्यादा था।
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जेन-जी की नौकरी में पैरेंट्स का दखल:माता-पिता जॉब मैनेजर को फोन कर रहे हैं, ऑनलाइन इंटरव्यू में छुपकर साथ बैठ रहे
