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जैसलमेर में 198 दिन से चल रहा धरना खत्म:डालमिया कंपनी के खिलाफ अनशन पर थे, विधायक ने अनशनकारियों को पिलाया जूस




जैसलमेर के रामगढ़ क्षेत्र में डालमिया कंपनी के खिलाफ 198 दिनों से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे ग्रामीणों ने आखिरकार अपना आंदोलन खत्म कर दिया। जैसलमेर विधायक छोटूसिंह भाटी ने धरनास्थल पहुंचकर आंदोलनकारियों से बातचीत की और विवादित खनन खसरे को दूसरी जगह स्थानांतरित कराने के लिए सरकार और प्रशासन स्तर पर प्रयास करने का भरोसा दिया। विधायक के आश्वासन के बाद ग्रामीण आंदोलन समाप्त करने पर राजी हो गए। इसके बाद उन्होंने अनशनकारियों को जूस पिलाकर उनका अनशन तुड़वाया। खनन से जनहित और गौचर भूमि प्रभावित होने का आरोप रामगढ़ क्षेत्र के ग्रामीण डालमिया कंपनी की खनन गतिविधियों और खनन खसरे के आवंटन का पिछले 198 दिनों से विरोध कर रहे थे। उनका आरोप था कि खनन खसरे की वजह से स्थानीय समस्याएं बढ़ रही हैं और गौचर भूमि समेत जनहित से जुड़े कई मुद्दे प्रभावित हो रहे हैं। लंबे समय से चल रहे इस आंदोलन के कारण क्षेत्र में लगातार प्रशासनिक और सामाजिक हलचल बनी हुई थी। विधायक ने सुनी ग्रामीणों की बात मामले की गंभीरता को देखते हुए विधायक छोटूसिंह भाटी खुद धरनास्थल पहुंचे। उन्होंने आंदोलनकारियों और ग्रामीण प्रतिनिधियों से विस्तार से बातचीत की। ग्रामीणों ने खनन खसरे को लेकर अपनी परेशानियां और मांगें विधायक के सामने रखीं। खनन खसरा दूसरी जगह शिफ्ट कराने का दिया भरोसा विधायक छोटूसिंह भाटी ने ग्रामीणों की मांगों को जायज बताते हुए भरोसा दिलाया कि सरकार और प्रशासन स्तर पर प्रयास कर विवादित खनन खसरे को दूसरी जगह स्थानांतरित कराने की कोशिश की जाएगी। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों के हितों की रक्षा उनकी प्राथमिकता है और इस मामले में वे शासन स्तर पर प्रभावी पैरवी करेंगे। जूस पिलाकर तुड़वाया अनशन, अब सरकार की कार्रवाई का इंतजार विधायक के स्पष्ट आश्वासन के बाद आंदोलनकारियों ने आपसी सहमति से 198वें दिन धरना और अनशन समाप्त करने का फैसला लिया। विधायक ने अनशनकारियों को अपने हाथों से जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया। धरना खत्म होने के बाद ग्रामीणों ने विधायक का आभार जताया और उम्मीद व्यक्त की कि राज्य सरकार जल्द ही खनन खसरे को लेकर ठोस निर्णय लेगी। फिलहाल रामगढ़ क्षेत्र में राहत का माहौल है, लेकिन अब सभी की निगाहें सरकार और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।



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