![]()
झज्जर जिले के गांव सिलानी में शनिवार को शहीद मोहित चाहर की प्रतिमा का अनावरण किया गया। रोहतक से कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने प्रतिमा का अनावरण कर शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने कहा कि मोहित चाहर की उम्र देश के लिए शहादत देने की नहीं थी। शहीद की शहादत पर हर किसी के मन में दर्द है, लेकिन इस बात का गौरव भी है कि झज्जर और आसपास का क्षेत्र देश की रक्षा के लिए हमेशा आगे रहा है। दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि इस क्षेत्र के लोगों ने आजादी के आंदोलन से लेकर देश की रक्षा तक अपना सर्वस्व न्योछावर किया है। उन्होंने कहा कि इंडियन नेशनल आर्मी में भी इस क्षेत्र के बड़ी संख्या में सैनिक शामिल हुए थे। उन्होंने शहीदों को नमन करते हुए केंद्र सरकार से अग्निपथ योजना वापस लेकर सेना में पक्की भर्ती शुरू करने की मांग की। सेना की पक्की भर्ती क्यों बंद की हुड्डा ने कहा कि अग्निपथ योजना लागू होने से पहले हरियाणा की करीब 2 प्रतिशत आबादी देश की सेना में करीब 10 प्रतिशत सैनिकों का योगदान देती थी। उन्होंने दावा किया कि योजना लागू होने के बाद सेना में युवाओं की भर्ती में भारी गिरावट आई है। पहले सड़कों और मैदानों में बड़ी संख्या में युवा सेना भर्ती की तैयारी करते नजर आते थे, लेकिन अब यह तस्वीर काफी बदल गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि अग्निपथ योजना के जरिए सरकार ने सेना में नियमित सैनिक और अग्निवीर के रूप में 2 श्रेणियां बना दी हैं। उन्होंने कहा कि यह योजना देश, सेना और युवाओं के हित में नहीं है। सांसद ने कहा कि उन्होंने संसद में भी लगातार इस मुद्दे को उठाया है और अग्निपथ योजना वापस होने तक संघर्ष जारी रखेंगे। एमपी कोटे की मंजूरी के बावजूद 4 साल इंतजार दीपेंद्र हुड्डा ने शहीद मोहित चाहर की प्रतिमा के संदर्भ में कहा कि एमपी कोटे से स्वीकृति मिलने के बावजूद इसे स्थापित होने में 4 साल लग गए। उन्होंने कहा कि यह काम सरकार को स्वयं करवाना चाहिए था। उन्होंने लाखनमाजरा में बास्केटबॉल स्टेडियम का उदाहरण देते हुए आरोप लगाया कि सांसद कोटे से 15 लाख रुपए की ग्रांट देने के बावजूद काम 6 साल तक नहीं हुआ। उनके अनुसार, बाद में जर्जर बास्केटबॉल पोल गिरने से भारतीय टीम के एक होनहार खिलाड़ी की जान चली गई।
Source link
झज्जर के सिलानी में शहीद मोहित की प्रतिमा का अनावरण:दीपेंद्र हुड्डा बोले-शहादत पर दर्द भी, गौरव भी; फौज में शुरू की जाए पक्की भर्ती
