![]()
झारखंड आंदोलनकारियों की पेंशन समेत विभिन्न मांगों को लेकर बुधवार को झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर राज्यव्यापी बंद का पलामू में व्यापक असर दिखा। सुबह करीब सात बजे सैकड़ों आंदोलनकारी मेदिनीनगर के रेड़मा चौक पर जमा हुए और सड़क पर बैठकर चारों ओर का आवागमन ठप करा दिया। देखते ही देखते रेड़मा चौक से गुजरने वाली प्रमुख सड़कों पर वाहनों की लंबी कतार लग गयी। ट्रक, बस, चारपहिया और ऑटो समेत किसी भी वाहन को आगे नहीं बढ़ने दिया गया। स्कूल बसें भी जाम में फंस गयीं, जिसके बाद कुछ स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई। आंदोलन में महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। जाम के कारण लोगों को काफी परेशानी हुई और कई लोगों को दूसरे रास्तों से अपने गंतव्य तक जाना पड़ा। शहर थाना की पुलिस मौके पर मौजूद रही। छत्तीसगढ़-उत्तराखंड की तर्ज पर पेंशन की मांग झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के जिलाध्यक्ष चंद्रधन महतो ने कहा कि अलग झारखंड राज्य के निर्माण में आंदोलनकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है, लेकिन राज्य गठन के वर्षों बाद भी उन्हें सम्मान नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से लगातार आश्वासन दिया जा रहा है, लेकिन अब आंदोलनकारी आर-पार की लड़ाई के लिए तैयार हैं। आंदोलनकारियों ने छत्तीसगढ़ और उत्तराखंड की तर्ज पर झारखंड आंदोलनकारियों को पेंशन देने की मांग की। साथ ही आंदोलनकारियों के बेटे-बेटियों को सरकारी नौकरी में सीधी नियुक्ति देने और उनके परिवारों के अधिकारों को लेकर स्पष्ट नीति बनाने की मांग की गई। आंदोलनकारियों के अनुसार, मांगों को लेकर विधानसभा घेराव और हेमंत आवास घेराव जैसे कार्यक्रम भी किए गए, लेकिन अब तक ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। 15 नवंबर तक घोषणा नहीं हुई तो रांची में बड़ा आंदोलन मोर्चा नेताओं विकेश शुक्ला, मुरारी पांडेय और चंद्रधन महतो ने चेतावनी दी कि 15 नवंबर से पहले सरकार ने आंदोलनकारियों की पेंशन को लेकर स्पष्ट घोषणा नहीं की तो राज्य स्थापना दिवस का कार्यक्रम नहीं होने दिया जाएगा। इसके लिए पूरे राज्य से आंदोलनकारियों को रांची बुलाने की बात कही गयी। हरिहरगंज, सदर, पांकी, चैनपुर, लेस्लीगंज समेत विभिन्न प्रखंडों से पहुंचे आंदोलनकारियों ने कहा कि मांगों को लेकर लड़ाई अब निर्णायक चरण में है और मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। बंद और सड़क जाम के कारण शहर में यातायात प्रभावित रहा। पुलिस की मौजूदगी में आंदोलनकारी सड़क पर डटे रहे।
Source link
झारखंड आंदोलनकारियों ने सड़क पर रोका पहिया:छत्तीसगढ़-उत्तराखंड की तर्ज पर पेंशन की मांग, स्थापना दिवस कार्यक्रम रोकने की चेतावनी
