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झारखंड से दक्षिण-पश्चिम मानसून की सोमवार को विदाई हो गई। इस वर्ष मानसून ने 12 जून को राज्य में प्रवेश किया था। एक जून से 30 सितंबर तक चली मानसून अवधि में झारखंड में कुल 1005.9 मिमी बारिश दर्ज की गई। पिछले वर्ष इस अवधि में करीब 1100 मिमी बारिश हुई थी। इस तरह, इस बार राज्य में बारिश पिछले साल की तुलना में कम रही। मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने मानसून की विदाई की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि अब राज्य में होने वाली छिटपुट बारिश स्थानीय मौसमी परिस्थितियों के कारण होगी। मानसून की वापसी के साथ ही प्रदेश में मौसम का मिजाज धीरे-धीरे बदलने लगा है। आने वाले दिनों में अधिकांश जिलों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है, जबकि कुछ इलाकों में हल्के बादल छाए रह सकते हैं। हजारीबाग और कोल्हान में हल्की बारिश की संभावना मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 13 अक्टूबर को झारखंड के कुछ हिस्सों में बादल छाए रहने के साथ हल्की बारिश की संभावना है। हजारीबाग और आसपास के इलाकों के अलावा कोल्हान प्रमंडल में कहीं-कहीं छिटपुट बारिश हो सकती है। हालांकि, राज्य के अधिकांश जिलों में आसमान मुख्यतः साफ रहने और मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। इससे पहले संथाल परगना के देवघर और नाला सहित कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश दर्ज की गई थी। सोमवार को रांची में भी कहीं-कहीं छिटपुट बारिश हुई, जबकि राज्य के अन्य हिस्सों में बारिश दर्ज नहीं की गई। मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद के अनुसार, मानसून की विदाई के बाद भी स्थानीय कारणों से कहीं-कहीं बारिश हो सकती है। हालांकि, व्यापक बारिश की संभावना कम होती जाएगी। ऐसे में अगले कुछ दिनों तक मौसम में स्थानीय स्तर पर बदलाव देखने को मिल सकता है। रांची में 29.7 डिग्री रहा अधिकतम तापमान राजधानी रांची में सोमवार को अधिकतम तापमान 29.7 डिग्री और न्यूनतम तापमान 18.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 12 अक्टूबर को रांची का अधिकतम तापमान 28.2 डिग्री और न्यूनतम तापमान 19.2 डिग्री सेल्सियस रहा था। पश्चिमी सिंहभूम में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि जमशेदपुर का न्यूनतम तापमान 23.6 डिग्री सेल्सियस रहा। मानसून की विदाई के बाद सुबह और शाम के समय हल्की ठंड महसूस होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, सुबह में कोहरा छाया रह सकता है। इसके बाद आसमान मुख्यतः साफ रहने का अनुमान है। दिन में तापमान में बड़े उतार-चढ़ाव की संभावना नहीं जताई गई है। हालांकि, सुबह और रात के तापमान में धीरे-धीरे बदलाव से मौसम में ठंडक बढ़ सकती है। अलनीनो के असर से इस बार कम पड़ेगी ठंड मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया कि हिंद महासागर क्षेत्र में अलनीनो की स्थिति मजबूत हो रही है। ऐसी परिस्थितियों में इस वर्ष झारखंड में ठंड अपेक्षाकृत कम पड़ने का अनुमान है। उन्होंने यह भी कहा कि दिन के तापमान में बहुत अधिक बढ़ोतरी होने की संभावना नहीं है। मानसून की विदाई के बाद अब मौसम मुख्य रूप से स्थानीय परिस्थितियों और तापमान में होने वाले बदलाव से प्रभावित होगा। फिलहाल राज्य के अधिकांश हिस्सों में शुष्क मौसम बने रहने की संभावना है। सुबह कोहरा और दिन में साफ आसमान रहने से दिन और रात के मौसम में अंतर महसूस हो सकता है।
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झारखंड से मानसून की हुई विदाई:इस बार 122 दिन के मानूसन में 1005.9 मिमी बारिश; अलनीनो के असर से कम पड़ेगी ठंड
