![]()
झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की परीक्षाओं में धांधली मामले में गिरफ्तार टीडीपीएल के मार्केटिंग मैनेजर और पोड़ैयाहाट (गोड्डा) के प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी अभय कुमार तिवारी उर्फ मनोज कुमार तिवारी ने बड़ा खुलासा किया है। अभय ने सीआईडी को बताया कि टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्रा. लि. (टीडीपीएल) को परीक्षा संचालन का ठेका दिलाने के एवज में करोड़ों की डील हुई थी। इसके लिए जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल ख्यांगते से दो करोड़ में सौदा हुआ था। यह शर्त भी रखी गई थी कि एजेंसी को होने वाले हर भुगतान पर पूर्व अध्यक्ष को 20 प्रतिशत कमीशन देना होगा। फाइव स्टार होटल से मोरहाबादी तक रची गई घोटाले की साजिश अभय तिवारी के बयान के अनुसार पूर्व अध्यक्ष के आवासीय कार्यालय के कंप्यूटर ऑपरेटर धर्मेंद्र कुमार के जरिए एजेंसी के निदेशकों (रामवीर सिंह व सत्यपाल सिंह) और पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांगते की पहली बैठक रांची में ओवरब्रिज के समीप स्थित एक पांच सितारा होटल में हुई। प्रजेंटेशन के बाद मोरहाबादी मैदान में धर्मेंद्र, अभय तिवारी और रामवीर सिंह मिले। धर्मेंद्र ने कहा अध्यक्ष को 2 करोड़ और उसे (धर्मेंद्र को) 20 से 25 लाख रुपए कमीशन देने होंगे। इसके बाद स्टेट गेस्ट हाउस में एल. ख्यांगते के साथ बैठक हुई, ख्यांगते ने सभी को धर्मेंद्र के संपर्क में रहने के निर्देश दिए और टीडीपीएल को काम देने की फाइल परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता को सौंप दी गई।
Source link
टीडीपीएल के मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी का खुलासा:ख्यांगते की एजेंसी से डील, दो करोड़ एकमुश्त और 20 प्रतिशत कमीशन
