Headlines

टेनिस बॉल की चोट से फूल गई हाथ की नस:ग्राफ्ट नली लगाकर बचाया हाथ, SN में हुआ किशोर का जटिल ऑपरेशन




आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में 15 वर्षीय किशोर की कॉलर बोन के पास प्रमुख रक्तवाहिनी में बने बड़े एन्यूरिज्म की जटिल सर्जरी सफलतापूर्वक की गई। किशोर को करीब डेढ़ साल पहले टेनिस बॉल से चोट लगी थी। इसके बाद करीब एक साल से दाहिने कंधे के नीचे दर्द और सूजन की समस्या थी। सीटी एंजियोग्राफी में रक्तवाहिनी के फटने के साथ उसमें असामान्य फैलाव मिला। 8 अगस्त को सीटीवीएस विभाग की टीम ने क्षतिग्रस्त हिस्से को हटाकर कृत्रिम नली (ग्राफ्ट) लगाई। अब किशोर की हालत स्थिर है और जल्द छुट्टी दी जाएगी। एसएन मेडिकल कॉलेज के सीटीवीएस विभाग में कक्षा 9 के छात्र नीतीश की जांच में दाहिनी कॉलर बोन के पास सबक्लेवियन और एक्सिलरी धमनी में डिसेक्शन के साथ बड़ा एन्यूरिज्म पाया गया। करीब डेढ़ महीने पहले किशोर ने दूसरे अस्पताल में भी उपचार कराया था, लेकिन राहत नहीं मिली। इसके बाद उसे एसएन मेडिकल कॉलेज में सीटीवीएस विभाग के डॉ. सुशील सिंघल के पास रेफर किया गया। सीटी एंजियोग्राफी में रक्तवाहिनी की दीवार में क्षति और असामान्य फैलाव की पुष्टि हुई। डॉक्टरों के अनुसार एन्यूरिज्म के फटने की स्थिति में यह जानलेवा हो सकता था। किशोर की कम उम्र और कॉलर बोन के पास रक्तवाहिनियों की जटिल स्थिति के कारण सर्जरी चुनौतीपूर्ण थी। 8 अगस्त को किया ऑपरेशन विशेषज्ञ टीम ने 8 अगस्त को सर्जरी कर क्षतिग्रस्त रक्तवाहिनी के हिस्से को हटाया और उसकी जगह कृत्रिम नली (ग्राफ्ट) लगाकर कॉलर बोन के पास की मुख्य धमनी से हाथ की धमनी तक जोड़ा। ऑपरेशन के दौरान हाथ की महत्वपूर्ण नसों के समूह ब्रैकियल प्लेक्सस को नुकसान से बचाने और एन्यूरिज्म को फटने से रोकने के लिए विशेष सावधानी बरती गई। डॉक्टरों के मुताबिक बच्चों और किशोरों में इस तरह का मामला बेहद दुर्लभ है। मामूली चोट के लंबे समय बाद प्रमुख रक्तवाहिनी में इस तरह की गंभीर समस्या का विकसित होना इस केस को और विशेष बनाता है। इन विशेषज्ञों की रही भूमिका सीटीवीएस विभाग के डॉ. सुशील सिंघल, डॉ. विमलेश यादव, शशि प्रजापति और पूरी सीटीवीएस टीम ने सर्जरी में भूमिका निभाई। रेडियोलॉजी टीम से डॉ. हरि सिंह और डॉ. निखिल शर्मा ने जांच व सर्जरी की योजना में सहयोग किया। एनेस्थीसिया टीम में डॉ. योगिता द्विवेदी, डॉ. दीपिका चौबे, डॉ. दीपक दनौरिया, डॉ. प्रभा, डॉ. मनीष, डॉ. वैभव, डॉ. शाहिद, डॉ. रजत और डॉ. सिमरन सहित पूरी टीम शामिल रही।
एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य एवं डीन डॉ. प्रशांत गुप्ता ने कहा कि कॉलेज में जटिल और उन्नत सर्जरी सफलतापूर्वक की जा रही हैं। इससे मरीजों को इलाज के लिए बड़े शहरों में जाने की जरूरत नहीं पड़ रही है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *