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जमीन-फ्लैट की रजिस्ट्री पर भी असर, अब सिर्फ ऑनलाइन मोड में जमा हो रहा टैक्स रांची नगर निगम में पिछले 15 दिनों से होल्डिंग टैक्स, वाटर यूजर चार्ज और ट्रेड लाइसेंस का काम पूरी तरह ठप है। नया होल्डिंग नंबर लेने, ट्रेड लाइसेंस बनवाने या पुराने लाइसेंस का रिन्यूवल कराने के लिए लोग रोज निगम कार्यालय पहुंच रहे हैं, लेकिन जन सुविधा केंद्र पर सन्नाटा पसरा है। कर्मचारियों से पूछने पर जवाब मिलता है- सरकार ने एजेंसी हटा दी है, नई एजेंसी के बहाल होने तक काम नहीं होगा। दरअसल, नगर विकास विभाग की एजेंसी सूडा ने 21 अगस्त को रांची में टैक्स कलेक्शन का काम कर रही श्री पब्लिकेशन एंड स्टेशनर्स का एग्रीमेंट रद्द कर दिया। एजेंसी 4 अक्टूबर 2023 से एक्सटेंशन पर काम कर रही थी। इसी आधार पर सूडा ने एकरारनामा समाप्त कर निगम को अपने स्तर से टैक्स कलेक्शन कराने का निर्देश दिया। लेकिन 15 दिन बाद भी निगम स्तर पर व्यवस्था स्पष्ट नहीं हो सकी है। सूडा ने टैक्स कलेक्टरों से वसूली कराने का आदेश भी जारी नहीं किया है। ऐसे में निगम अधिकारी भी विभाग के निर्देश का इंतजार कर रहे हैं। होल्डिंग नंबर नहीं मिलने से जमीन-फ्लैट की रजिस्ट्री पर भी असर रांची नगर निगम क्षेत्र में स्थित जमीन और फ्लैट की रजिस्ट्री कराने के लिए भी होल्डिंग नंबर की जरूरत होती है। लेकिन नगर निगम फिलहाल नया होल्डिंग नंबर जारी ही नहीं कर रहा है। इस वजह से जमीन-फ्लैट की रजिस्ट्री कराने वालों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रोजाना दो-तीन डीड की रजिस्ट्री रुक रही है। इससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है। वहीं, रजिस्ट्री पर भी असर पड़ रहा है। ट्रेड लाइसेंस: नया बन नहीं रहा, रिन्यू भी नहीं शनिवार को नगर निगम कार्यालय में ट्रेड लाइसेंस बनवाने के लिए आए सुभम प्रसाद ने बताया कि पिछले दो बार निगम का चक्कर लगा चुके हैं। स्टेशनरी की दुकान खोलनी है। इसके लिए जीएसटी नंबर लेना हैं, लेकिन बिना ट्रेड लाइसेंस के जीएसटी के लिए आवेदन नहीं कर सकते। निगम में पता चला कि नया लाइसेंस नहीं बन रहा है। वहीं, पुराना लाइसेंस रिन्यूवल नहीं होने से भी व्यापारी काफी परेशान हैं। एजेंसी के 250 से अधिक लोग बेरोजगार एजेंसी के हटने से वहां कार्यरत 250 से अधिक कर्मचारी बेरोजगार हो गए हैं। ऐसे में किसी कर्मचारी को अपने बच्चे की फीस भरने की चिंता है तो किसी को घर का राशन लाने की। एक कर्मचारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि पिछले माह का भी पैसा नहीं मिला था। अचानक से एजेंसी को हटाने से हमलोग सड़क पर आ गए हैं। कोई सुनने वाला नहीं है। 115 करोड़ से अधिक की आय होना जरूरी 15वें वित्त आयोग के तहत मिलने वाले फंड के लिए निकायों की राजस्व क्षमता और अपनी आय बढ़ाना बड़ी चुनौती है। क्योंकि, राजस्व संग्रह बाधित होने पर नगर निगमों की वित्तीय स्थिति और भविष्य में मिलने वाली राशि पर असर पड़ना तय है। दरअसल, रांची नगर निगम के लिए 115 करोड़ रुपए से अधिक की आय का आंकड़ा बनाए रखना महत्वपूर्ण है। नहीं तो 15वें वित्त आयोग का पैसा रुक जाएगा। निगम के स्तर से टैक्स कलेक्शन की व्यवस्था जल्द लागू करेंगे रांची नगर निगम के स्तर से ही टैक्स कलेक्शन की व्यवस्था जल्द लागू किया जाएगा। इस पर काम चल रहा है। बोर्ड से इसकी स्वीकृति भी हो गई है। बोर्ड ने साफ कर दिया है कि विभाग द्वारा चयनित एजेंसी को निगम में काम नहीं करने दिया जाए। इस व्यवस्था को बनाया जाएगा। – रोशनी खलखो, मेयर
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टैक्स वसूली बाधित, 15वें वित्त आयोग का फंड संकट में:एजेंसी हटाई, नई बहाल नहीं, 15 दिन से होल्डिंग-ट्रेड लाइसेंस का काम ठप
