![]()
कोलकाता के डायमंड हार्बर बंदरगाह से गंगा नदी के रास्ते 1668 मीट्रिक टन वजनी मेगा कार्गो आज बेगूसराय के सिमरिया घाट पहुंच गया। नेशनल वॉटरवे-1 (गंगा जलमार्ग) के जरिए पहुंचे इस विशालकाय जहाज और उस पर लदे भारी-भरकम औद्योगिक उपकरण स्थानीय लोगों के साथ-साथ दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं के लिए भी चर्चा का विषय बन गया है। पहली बार देखा ऐसा नजारा, उमड़ी भीड़ सिमरिया घाट आध्यात्मिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विश्व विख्यात है। यहां गंगा स्नान, धार्मिक अनुष्ठान और कल्पवास के लिए देश-विदेश से लगातार पर्यटकों और श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है। पहले यहां आए विदेशी क्रूज जहाजों ने भी खूब सुर्खियां बटोरी थी। लेकिन पहली बार औद्योगिक क्रांति की गवाही देता इस तरह का सामान से लदा जहाज यहां पहुंचा है। तीन बड़े जलयान एमबी तोरसा, टग ग्वालियर और एमबी मैरिन-99 द्वारा खींचकर लाए गए इस विशाल कार्गो को देखने के लिए रास्ते से लेकर सिमरिया में नदी के किनारे बड़ी संख्या में भीड़ जुट गई। गंगा घाट पर मौजूद लोग इस ऐतिहासिक पल को अपने मोबाइल कैमरों में कैद करते नजर आए। बरौनी रिफाइनरी के विस्तार को मिलेगी नई रफ्तार यह मेगा कार्गो बरौनी रिफाइनरी के विस्तारीकरण प्रोजेक्ट के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इस पर रिफाइनरी के लिए जरूरी भारी-भरकम औद्योगिक इकाइयां जैसे डेप्रोपेनाइजर, स्प्लिटर और डीथेनाइजर लदे हुए हैं। इन उपकरणों का वजन और आकार इतना अधिक है कि इन्हें सड़क या रेल मार्ग से लाना लगभग असंभव और बेहद जोखिम भरा था। डायमंड हार्बर से सिमरिया घाट तक लगभग 713 किलोमीटर की दूरी गंगा जलमार्ग के जरिए सफलतापूर्वक तय की गई है। अब सिमरिया घाट से इन विशाल उपकरणों को विशेष भारी वाहनों (हैवी ट्रेलर्स) के माध्यम से सड़क मार्ग से बरौनी रिफाइनरी तक सुरक्षित पहुंचाया जाएगा। जल परिवहन क्षेत्र में मील का पत्थर बेगूसराय पहुंचे इस मेगा कार्गो के सफल संचालन ने यह साबित कर दिया है कि भारत का अंतर्देशीय जलमार्ग (Inland Waterways) अब बड़े से बड़े औद्योगिक माल ढुलाई के लिए पूरी तरह सक्षम है। यात्रा के दौरान भागलपुर और अन्य जिलों में गंगा के जलस्तर और सिल्ट (गाद) की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही थी। जिससे जहाज बिना किसी बाधा के आगे बढ़ सके। विशेषज्ञों का मानना है कि गंगा जलमार्ग का यह प्रयोग न केवल बरौनी रिफाइनरी के प्रोजेक्ट को समय पर पूरा करने में मदद करेगा। बल्कि भविष्य में बिहार में भारी उद्योगों के परिवहन के लिए एक नया और किफायती रास्ता भी खोलेगा। सिमरिया घाट पर कार्गो इस बात का प्रतीक है कि बिहार की जनता इस बड़े बदलाव और विकास की गवाह बनने के लिए कितनी उत्साहित है।
Source link
डायमंड हार्बर से गंगा के रास्ते बेगूसराय पहुंचा मेगा कार्गो:बरौनी रिफाइनरी के लिए 1668 टन का अतिआधुनिक मशीन; देखने के लिए जुटी लोगों की भीड़
