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डीआईजी चौक गोलीकांड के मुख्य आरोपी ने किया सरेंडर:किशनगंज के रास्ते में फरार हो रहे 6 दोस्त भी धराए, पुलिस ने क्राइम सीन रिक्रिएट किया




पूर्णिया के डीआईजी चौक पर गोलीकांड मामले में मुख्य आरोपी ऋषभ सिंह ने पुलिस के दबाव के कारण न्यायालय में सरेंडर कर दिया है। वहीं, घटना को अंजाम देने और आरोपियों को भगाने में मदद करने वाले उसके 6 सहयोगियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया है, जो किशनगंज के रास्ते फरार होने वाले थे। पुलिस ने गिरफ्तार किए गए सभी छह सहयोगियों को घटनास्थल पर ले जाकर पूरे घटनाक्रम का क्राइम सीन रिक्रिएट कराया। इन सहयोगियों ने घटना को अंजाम देने, हथियार छिपाने और मुख्य आरोपी को फरार होने में मदद की थी। पुलिस ने पकड़े गए अभियुक्तों के पास से गोलीकांड में इस्तेमाल एक देसी कट्टा, आरोपी के फरार होने में इस्तेमाल हुई लाल रंग की अपाचे बाइक और चार मोबाइल फोन बरामद किए हैं। क्राइम सीन में बताया कैसे गोलियां चलाई

पुलिस सभी आरोपियों को घटनास्थल पर लेकर पहुची। घटना स्थल पर सदर एसडीपीओ के नेतृत्व में दर्जनों पुलिस पदाधिकारी और भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रही। इन सबके बीच क्राइम सीन रिक्रिएट कराया गया। मुख्य अभियुक्त रिशव ने क्राइम सीन का क्रिएशन करते हुए बताया कैसे उसने 3 गोलियां चलाई थी, किस किस जगह वो घूम-घूम कर गोली चलाई। इसके बाद गोली चलाकर वो अपने साथी आयुष के साथ कैसे भागा, ये भी बताया। घटना स्थल पर क्राइम सीन क्रिएट करते समय हर एक के रोल को स्पष्ट किया ऋषभ ने।

वीआईपी इलाके में 3 राउंड फायरिंग हुई थी

घटना 16 अगस्त की रात करीब 8 बजे की है। डीएम और एसएसपी आवास के समीप डीआईजी चौक स्थित मोती महल’ के सामने अज्ञात अपराधियों ने अचानक 3 राउंड फायरिंग की थी। घटना के तुरंत बाद मुख्य आरोपी ऋषभ सिंह अपने साथी आयुष के साथ लाल रंग की अपाचे बाइक पर सवार होकर मौके से फरार हो गया था। सोशल मीडिया और सीसीटीवी से हुई पहचान
पूर्णिया एसएसपी डॉ. शौर्य सुमन ने बताया कि घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और तकनीकी अनुसंधान के जरिए पुलिस ने महज आधे घंटे में आरोपी की पहचान कर ली। इंस्टाग्राम अकाउंट और स्थानीय चश्मदीदों के सत्यापन के बाद मुख्य आरोपी की पहचान ऋषभ सिंह के रूप में हुई, जो वहीं डीआईजी चौक के पास का ही रहने वाला है।

एसएसपी के अनुसार, घटना के बाद आरोपी ऋषभ अपने साथी आयुष के साथ बाइक से फरार हुआ और दोनों मालदा और कोलकाता तक भाग गए। पुलिस की ओर से लगातार की जा रही छापेमारी और दबाव के चलते मुख्य शूटर ऋषभ सिंह ने आखिरकार सरेंडर कर दिया। वहीं, उसके अन्य साथी जो किशनगंज के रास्ते ट्रेन से भागने की फिराक में थे, उन्हें पुलिस ने पकड़ लिया। ऋषभ के 6 साथी गिरफ्तार

मुख्य आरोपी ऋषभ आयुष की बाइक से आयुष के साथ बैठकर घटना स्थल से फरार हो गया था। इन दोनों के अलावा अन्य 5 अभियुक्त शुभम कुमार सिंह ऊर्फ छोटू, निखिल कुमार, शुभम आनंद, अमित सागर और रंजीत कुमार साह को हथियार छुपाने, आरोपी को भगाने में मदद करने और घटना में साथ देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

पूर्णिया एसएसपी डॉ. शौर्य सुमन ने बताया कि पूछताछ और अनुसंधान में सामने आया है कि सभी आरोपी 20 से 26 वर्ष आयु वर्ग के युवक हैं, जो प्रायः डीआईजी चौक के पास चाय की दुकान पर जमा होते थे।
एसएसपी ने कहा कि इनका कोई बड़ा संगठित आपराधिक मकसद नहीं था, बल्कि जोश में आकर गुंडागर्दी दिखाने, स्टाइल मारने और शहर में अपना खौफ व नाम बनाने के लिए डीएम-एसएसपी आवास के पास फायरिंग की गई थी। इसके अलावा, पूर्व में जेल भेजे गए अपराधी श्याम यादव के साथ भी इनके सोशल मीडिया संपर्क मिले हैं।



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