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मधुबनी के जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने पटना में आयोजित बिहार एसडीजी कॉन्क्लेव 2026 में अपना प्रस्तुतीकरण दिया। यह कॉन्क्लेव 20-21 अगस्त 2026 को अधिवेशन भवन, पटना में “एक्सेलरेटिंग प्रोग्रेस टुवर्ड्स विकसित बिहार @2047” विषय पर आयोजित किया गया था। जिलाधिकारी ने कॉन्क्लेव के दूसरे दिन “एकीकृत जिला योजना: एसडीजी और विकसित बिहार @2047 के लिए सबक” विषय पर अपनी बात रखी। इस महत्वपूर्ण सत्र की अध्यक्षता नीति आयोग, भारत सरकार के सदस्य प्रोफेसर के.वी. राजू और नीति आयोग की वरिष्ठ सलाहकार डॉ. नीलम पटेल ने की। सत्र का मुख्य उद्देश्य जिलों को विकास के इंजन के रूप में विकसित करना और सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) को स्थानीय स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करना था। अपने प्रस्तुतीकरण में आनंद शर्मा ने तीव्र विकास के लिए जिला-स्तरीय समेकित योजना, विभागीय अभिसरण, परिणाम-आधारित निगरानी, डेटा-आधारित निर्णय-निर्माण और स्थानीय स्तर पर एसडीजी लक्ष्यों के प्रभावी क्रियान्वयन को आधारशिला बताया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विकसित बिहार @2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए विकास रणनीति को जिला स्तर की वास्तविक आवश्यकताओं, स्थानीय संसाधनों और सामुदायिक भागीदारी से जोड़ना आवश्यक है। जिलाधिकारी ने बताया कि जिला स्तर पर विभिन्न विभागों की योजनाओं के बीच बेहतर समन्वय और परिणामों की नियमित निगरानी से विकास कार्यों की प्रभावशीलता बढ़ाई जा सकती है। प्रस्तुतीकरण में एसडीजी लक्ष्यों को स्थानीय विकास प्राथमिकताओं से जोड़ने, पंचायतों की भूमिका को मजबूत करने और जिला प्रशासन को विकास के प्रभावी समन्वय केंद्र के रूप में विकसित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया। इस अवसर पर नीति आयोग के वरिष्ठ अधिकारी, बिहार सरकार के मंत्रीगण, अपर मुख्य सचिव, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और विकास क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ उपस्थित थे। वरिष्ठ नीति-निर्माताओं और विशेषज्ञों की उपस्थिति में मधुबनी के जिला-स्तरीय विकास अनुभवों और समेकित नियोजन के दृष्टिकोण को साझा करना जिले के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। मधुबनी का यह प्रस्तुतीकरण “जिला-आधारित विकास” की अवधारणा को मजबूत करने और स्थानीय स्तर पर एसडीजी को परिणामों में बदलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया है।
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डीएम ने पटना कॉन्क्लेव में जिला विकास पर दी प्रस्तुति:एकीकृत जिला योजना पर बोले – तीव्र विकास के लिए एसडीजी लक्ष्यों को प्रभावी ढंग से लागू करना जरूरी
