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सिरसा जिले के रानियां पुलिस थाना क्षेत्र के गांव कुताबढ़ में एक दंपती पर हुए हमले के मामले में लंबे समय बाद भी दोषियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है। मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप और जांच अधिकारी के निलंबन के बावजूद पीड़ितों को न्याय नहीं मिला है। अब पीड़ित दंपती ने जिला पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई है। जानकारी के अनुसार, यह घटना 30 जुलाई 2026 को हुई थी। आरोप है कि गांव के कुछ शरारती तत्वों ने कैलाश कौर पत्नी रमेश कुमार के घर में घुसकर उन पर हमला किया था। इस हमले में दंपती घायल हो गया था। पीड़ितों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी, आरोप है कि पुलिस ने इस मामले में अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। दंपती ने बताया कि मामले को उच्च अधिकारियों के संज्ञान में लाया गया, जिसके बाद डीएसपी ऐलनाबाद ने जांच की। जब इस जांच से भी कोई समाधान नहीं निकला तो उन्होंने इस घटना को मुख्यमंत्री के कष्ट निवारण कमेटी शिविर में उठाया। जांच अधिकारी को किया था सस्पेंड कमेटी की पहली सुनवाई के दौरान, जांच अधिकारी राजेश कुमार को निलंबित कर दिया गया। पीड़ित दंपती ने राजेश पर गंभीर आरोप लगाए थे कि उन्होंने उनकी सहमति और उपस्थिति के बिना ही पंचायत में फैसला लिखकर दे दिया था। कष्ट निवारण कमेटी की बैठक में मुख्यमंत्री के समक्ष पुलिस विभाग के अधिकारी स्थिति स्पष्ट नहीं कर पाए। इसके परिणामस्वरूप मुख्यमंत्री ने जांच अधिकारी राजेश को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश दिया था। एसपी ने कार्रवाई का आश्वासन दिया न्याय न मिलने के कारण यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में आया। जिला पुलिस अधीक्षक दीपक सहारण रानियां थाना का औचक निरीक्षण करने पहुंचे थे, जहां कैलाश कौर और रमेश कुमार ने उनसे न्याय की गुहार लगाई। पुलिस कप्तान ने पीड़ित परिवार की बात सुनी और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया इस दौरान मीडिया से बात करते हुए रमेश कुमार ने बताया कि गांव के ही कुछ शरारती तत्वों ने उनके घर में घुसकर उन पर हमला किया था, जिसमें वे दोनों घायल हो गए थे।
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सिरसा में पीड़ित दंपती SP से मिला:बोले-हमलवार शरारती तत्व, अभी तक पकड़े नहीं गए; CM ने जांच अधिकारी को किया था सस्पेंड
