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डीग पुलिस ने अंतरराज्यीय साइबर ठगी के एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दिल्ली के उत्तम नगर में चल रहे फर्जी कॉल सेंटर से 64 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में 31 युवक और 33 युवतियां शामिल हैं। पुलिस ने मौके से 88 एंड्रॉयड मोबाइल फोन जब्त किए हैं, जबकि दो नाबालिगों को रेस्क्यू किया। गिरोह के सदस्य खुद को एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक समेत अन्य बैंकों के अधिकारी बताकर ग्राहकों को क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने, कार्ड नवीनीकरण और बैंकिंग सुविधाओं का झांसा देते थे। इसके बाद ओटीपी, सीवीवी, पैन कार्ड, जीमेल आईडी, जन्मतिथि और केवाईसी जैसी गोपनीय जानकारी हासिल कर साइबर ठगी करते थे। ऑपरेशन काउंटडाउन में बड़ी कार्रवाई डीग एसपी कांबले शरण गोपीनाथ के निर्देश पर साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘ऑपरेशन काउंटडाउन’ के तहत यह कार्रवाई की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कामां दिनेश यादव के नेतृत्व में स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम गठित की गई। टीम ने शनिवार रात दिल्ली के उत्तम नगर में चिन्हित ठिकाने पर दबिश दी तो तीन मंजिला इमारत में 85 लोग मिले। इनमें 41 युवक, 42 युवतियां और दो नाबालिग शामिल थे। पूछताछ और अनुसंधान के बाद 64 लोगों को गिरफ्तार किया गया तथा दोनों नाबालिगों को रेस्क्यू किया गया। जांच में संलिप्तता नहीं मिलने पर 19 युवक-युवतियों को उनके परिजनों के साथ भेज दिया गया। बैंक अधिकारी बनकर बनाते थे निशाना पुलिस के अनुसार आरोपी फर्जी कॉल सेंटर में बैठकर लोगों को फोन करते थे। वे खुद को एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक और अन्य बैंकों का अधिकारी बताते थे। बातचीत के दौरान ग्राहकों को क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने, कार्ड रिन्यू कराने और दूसरी बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने का लालच दिया जाता था। ग्राहक के विश्वास में आने के बाद आरोपी ओटीपी, सीवीवी, पैन कार्ड की जानकारी, जीमेल आईडी, जन्मतिथि और केवाईसी से जुड़े गोपनीय विवरण हासिल कर लेते थे। पुलिस के अनुसार इन जानकारियों का इस्तेमाल पीड़ितों के नाम पर वित्तीय खाते खोलने और ऑनलाइन धोखाधड़ी करने में किया जाता था। शिकायत से खुला गिरोह का राज मामले का खुलासा एक्सिस बैंक डीग के शाखा प्रबंधक फूलसिंह की शिकायत के बाद हुआ। उन्होंने साइबर क्राइम थाना डीग में लिखित शिकायत देकर बताया कि साइबर अपराधी एक्सिस बैंक के नाम, लोगो और साख का दुरुपयोग कर ग्राहकों को फर्जी कॉल कर रहे हैं। आरोपियों ने बैंक से मिलती-जुलती फर्जी वेबसाइट का भी इस्तेमाल किया था। बैंक की प्रारंभिक जांच और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने गिरोह के मुख्य सदस्य की पहचान आकाश पुत्र रामप्रकाश निवासी बनकट, थाना ताहवरपुर, जिला आजमगढ़, उत्तर प्रदेश के रूप में की। जॉब पोर्टल से भर्ती, फिर ठगी की ट्रेनिंग जांच में सामने आया कि गिरोह बेरोजगार युवाओं को अपने नेटवर्क में शामिल करने के लिए वर्क इंडिया सहित अन्य जॉब पोर्टल्स से रिज्यूमे हासिल करता था। युवाओं को फर्जी कंपनी में नौकरी का झांसा देकर कॉल सेंटर में भर्ती किया जाता था। गिरोह ने काम को अलग-अलग स्तरों में बांट रखा था। इसमें ट्रेनिंग, इंटरव्यू, टीम लीडर और कर्मचारी की भूमिकाएं तय थीं। कर्मचारियों को 11 हजार से 15 हजार रुपए तक मासिक वेतन दिया जाता था। इसके अलावा ज्यादा लोगों से ठगी करने वाले कर्मचारियों को अतिरिक्त कमीशन देने का लालच भी दिया जाता था। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह ने 18 वर्ष से कम उम्र के नाबालिगों को भी साइबर ठगी के इस नेटवर्क में लगाया था। लिखी स्क्रिप्ट के आधार पर करते थे कॉल साइबर ठग लोगों से फोन और वाट्सएप के जरिए संपर्क करते थे। बातचीत के लिए पहले से तैयार लिखित स्क्रिप्ट का इस्तेमाल किया जाता था। इसी स्क्रिप्ट के आधार पर ग्राहकों को विश्वास में लेकर उनसे बैंकिंग और व्यक्तिगत जानकारी हासिल की जाती थी। पुलिस को मौके से कई बैंकों के फर्जी आईडी कार्ड भी मिले हैं। इसके अलावा बड़ी मात्रा में लोगों का बल्क डेटा बरामद हुआ है। इसमें नाम, बैंक खाते, पैन कार्ड, पते और अन्य बैंकिंग जानकारियां शामिल हैं। फर्जी सिम से करोड़ों के लेनदेन जांच में गिरोह द्वारा एक ही व्यक्ति के नाम पर कई फर्जी सिम कार्ड इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है। पुलिस के अनुसार अब तक की जांच में करोड़ों रुपए के संदिग्ध अवैध वित्तीय लेनदेन का पता चला है। गिरोह के खिलाफ राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर भी कई शिकायतें दर्ज मिली हैं। बीएनस और आईटी एक्ट की धाराओं में केस साइबर क्राइम पुलिस थाना डीग में प्रकरण संख्या 13/2026 दर्ज किया गया है। मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 319(2), 318(2), 336(3), 340(2) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66C और 66D के तहत कार्रवाई शुरू की गई है। मामले की गहन जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई साइबर क्राइम पुलिस थाना डीग के पुलिस उपाधीक्षक वीरेंद्र पाल द्वारा की जा रही है। पीड़ितों से पुलिस से संपर्क की अपील डीग पुलिस ने साइबर ठगी का शिकार हुए लोगों से पुलिस से संपर्क करने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि पीड़ितों की हरसंभव सहायता की जाएगी।
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डीग पुलिस ने दिल्ली में पकड़ा साइबर ठगी का गिरोह:64 गिरफ्तार, फर्जी कॉल सेंटर से बैंक अधिकारी बनकर करते थे ठगी
