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अलवर शहर के तेजमंडी स्टेशन रोड स्थित एक भूखंड के दस्तावेजों में हेराफेरी कर हिस्सेदारी हड़पने का मामला सामने आया है। परिवादी का आरोप है कि 1961 में एक फर्म के नाम आवंटित 311 वर्गगज के भूखंड को निजी संपत्ति बताकर फर्जी वसीयत और अन्य दस्तावेज तैयार किए गए। इनके आधार पर नगर निगम में भूखंड का नामांतरण भी करवा लिया गया। मामले में न्यायालय के निर्देश पर कोतवाली थाना पुलिस ने 9 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, तेजमंडी स्टेशन रोड निवासी सुरेश चंद गुप्ता (72) ने न्यायालय में परिवाद पेश किया था। उन्होंने बताया कि उनके पिता कन्हैयालाल सहित परिवार के अन्य सदस्य मिलकर व्यापार करते थे। इसी दौरान मैसर्स रामकल्याण मूलचंद महाजन, थानागाजी के नाम से भी कारोबार किया जाता था। 1961 में फर्म के नाम आवंटित हुआ था भूखंड परिवाद के अनुसार, टाउन इम्प्रूवमेंट कमेटी, अलवर ने 11 फरवरी 1961 को प्लॉट नंबर 22 फर्म मैसर्स रामकल्याण मूलचंद महाजन के नाम आवंटित किया था। इसका आकार 40×70 फीट और क्षेत्रफल करीब 311 वर्गगज था। परिवादी का दावा है कि उनके पिता सहित परिवार के चार सदस्य फर्म में बराबर के हिस्सेदार थे। इस आधार पर उन्होंने भूखंड में अपना एक चौथाई हिस्सा होने की बात कही है। फर्जी वसीयत और अन्य दस्तावेज बनाने का आरोप परिवादी ने आरोप लगाया कि भूखंड पर अधिकार जताने के लिए फर्जी वसीयत और रिलीज डीड सहित अन्य दस्तावेज तैयार किए गए। आरोप है कि माधोप्रसाद की वसीयत पर 27 जून 1993 की तारीख लिखी गई, जबकि इसे 29 अप्रैल 2023 के आसपास तैयार किए जाने का दावा किया गया है। परिवादी ने वसीयत पर हस्ताक्षर फर्जी होने का आरोप भी लगाया है। इसके अलावा, 10 जुलाई 2023 और 30 अक्टूबर 2023 को तैयार की गई रिलीज डीड में भूखंड को फर्म की संपत्ति के बजाय रामकल्याण और मूलचंद की निजी संपत्ति बताया गया। परिवादी का आरोप है कि ऐसा करके अन्य हिस्सेदारों के अधिकारों को नजरअंदाज किया गया। नगर निगम में नामांतरण कराने का आरोप परिवाद के अनुसार, 10 अक्टूबर 2025 को नगर निगम में हलफनामा, स्वघोषणा पत्र और अन्य दस्तावेज जमा करवाए गए। इनके आधार पर 9 मार्च 2026 को भूखंड का नामांतरण करवा लिया गया। परिवादी का कहना है कि इसमें उसके हिस्से की जमीन भी शामिल कर ली गई, जबकि उसका भूखंड में हिस्सा है। 9 लोगों पर दर्ज हुआ केस कोतवाली थाना पुलिस ने मामले में सरोज खंडेलवाल, ओमप्रकाश, जीतेंद्र खंडेलवाल, गजेंद्रपाल शर्मा, दिलीप सेठी, सुरेश कुमार सेठी, सुधा सेठी, गणपत खंडेलवाल और कमलेश खंडेलवाल के खिलाफ मामला दर्ज किया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।
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तेजमंडी के भूखंड के दस्तावेजों में हेराफेरी का आरोप:9 लोगों पर केस दर्ज; 1961 में आवंटित हुआ था प्लॉट
