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प्रयागराज में दरोगा की अधिवक्ता पत्नी कंचन शर्मा की मौत के मामले में पुलिस ने अब मुकदमा दर्ज कराने वाले उनके पिता बैजनाथ शर्मा और उनकी पत्नी के बयान दर्ज कर लिए हैं। दोनों ने पुलिस के सामने भी वही आरोप दोहराए हैं, जो एफआईआर में लगाए गए हैं। अब पुलिस मृतका और आरोपी की सीडीआर, सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल की जांच में जुटी है।
कंचन की 19 सितंबर की रात मुंडेरा स्थित पारस ग्रीन अपार्टमेंट के फ्लैट में मौत हुई थी। पोस्टमार्टम में मौत का कारण फांसी बताया गया है। पति जितेंद्र सिंह 2023 बैच के दरोगा हैं। उनके खिलाफ कंचन के मायके पक्ष की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अफसरों के मुताबिक, फिलहाल पांच अहम बिंदुओं पर जांच की जा रही है। इनमें जो तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर ही आगे कार्रवाई की जाएगी।
1. आखिरी बातचीत की टाइमिंग होगी अहम
मायके पक्ष ने शिकायत में बताया है कि कंचन की मौत से पहले उनकी पत्नी की कंचन से फोन पर बातचीत हुई थी। इसके बाद रात करीब 11:48 बजे जितेंद्र की ओर से कंचन की मौत की सूचना दिए जाने का दावा किया गया है।
अब पुलिस कॉल डिटेल से यह मिलान कर सकती है कि इन दोनों घटनाओं के बीच कितना अंतर था। किस नंबर से कॉल हुई, कितनी देर बातचीत हुई और उसके बाद किन नंबरों पर संपर्क किया गया। ये तथ्य घटना की टाइमलाइन तैयार करने में मदद कर सकते हैं।
2. आठ बजे के बाद फ्लैट में क्या हुआ?
माता-पिता के मुताबिक वे रात करीब आठ बजे कंचन से मिलने के बाद वहां से चले गए थे। इसके बाद कंचन और जितेंद्र फ्लैट में थे।
यही करीब चार घंटे का समय जांच में सबसे महत्वपूर्ण है। इस अवधि में हुई फोन कॉल, मैसेज, इंटरनेट कॉल और अपार्टमेंट में आवाजाही से जुड़े रिकॉर्ड को घटनाक्रम से जोड़ना होगा। 3. सीसीटीवी से खुलेगा आने-जाने का राज
परिजनों ने शिकायत में अपार्टमेंट के सीसीटीवी की रिकॉर्डिंग सुरक्षित कराने की मांग की है। अब जांच में यह अहम होगा कि उस रात फ्लैट की ओर जाने वाले रास्ते, लिफ्ट और अपार्टमेंट के इंट्री और एग्जिट की रिकॉर्डिंग में क्या सामने आता है। यह भी देखना होगा कि रिकॉर्डिंग लगातार उपलब्ध है या उसमें किसी तरह की छेड़छाड़ तो नहीं हुई।
4. फोरेंसिक साक्ष्यों से घटनास्थल की तस्वीर साफ होगी
कंचन जिस कमरे में फंदे पर मिलीं, वहां से फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए थे। अब इन साक्ष्यों को माता-पिता और पति के बयानों से मिलाना जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा।
दरवाजे की स्थिति, फंदे की स्थिति, कमरे में मौजूद सामान और अन्य फोरेंसिक साक्ष्य से यह समझने में मदद मिल सकती है कि घटनास्थल पर क्या परिस्थितियां थीं। किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले इन साक्ष्यों का वैज्ञानिक परीक्षण जरूरी होगा।
5. दहेज उत्पीड़न के आरोपों की सच्चाई
मायके पक्ष ने शादी के बाद से दहेज के लिए परेशान करने, मारपीट और धमकी देने के आरोप लगाए हैं। अब माता-पिता ने भी पुलिस के सामने इन्हीं आरोपों को दोहराया है।
विवेचना में अगला महत्वपूर्ण सवाल यही होगा कि इन आरोपों की पुष्टि के लिए पहले से मौजूद कोई संदेश, कॉल, शिकायत, गवाह या अन्य दस्तावेज उपलब्ध हैं या नहीं। पुलिस को यह भी देखना होगा कि कथित घटनाओं की तारीख और परिस्थितियां क्या थीं और उनके समर्थन में कोई साक्ष्य मिलता है या नहीं। अफसर बोले, निष्पक्ष विवेचना होगी
धूमनगंज एसीपी रवि कुमार गुप्ता का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत की वजह सामने आ चुकी है, लेकिन मौत की परिस्थितियों और लगाए गए आरोपों की पुष्टि विवेचना में जुटाए गए साक्ष्यों से होगी। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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दरोगा की पत्नी की मौत में मां-बाप के बयान:FIR में लगाए आरोप ही दोहराए, अब CDR-CCTV और मोबाइल की जांच
