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झालावाड़ के पीजी कॉलेज में दहेज प्रतिषेध दिवस पर आयोजित शपथ ग्रहण कार्यक्रम में प्रिंसिपल प्रो. गजेंद्र कुमार मालवीय ने प्राध्यापकों, कर्मचारियों और छात्रों को दहेज न लेने, न देने तथा समाज को इस कुप्रथा से मुक्त बनाने की शपथ दिलाई। वक्ताओं ने दहेज प्रथा को सामाजिक असमानता, आर्थिक शोषण और महिला सम्मान के लिए गंभीर चुनौती बताते हुए इसके खिलाफ जन-जागरूकता बढ़ाने का आह्वान किया। दहेज उन्मूलन का लिया संकल्प कार्यक्रम में प्रिंसिपल प्रो. गजेंद्र कुमार मालवीय ने सभी उपस्थित प्राध्यापकों, कर्मचारियों और छात्रों को दहेज न लेने, न देने तथा समाज को इस कुप्रथा से मुक्त बनाने की शपथ दिलाई। उन्होंने सामाजिक बदलाव में युवाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। दहेज से गरीब परिवारों पर बढ़ता है बोझ प्रो. अलका बागला ने कहा कि दहेज प्रथा के कारण गरीब परिवारों के माता-पिता कर्ज के बोझ तले दब जाते हैं। उन्होंने सभी से अपील की कि वे स्वयं दहेज न लें और न दें, साथ ही इस सामाजिक बुराई के खिलाफ व्यापक जन-जागरूकता फैलाने में सक्रिय भूमिका निभाएं। महिला सम्मान के लिए गंभीर चुनौती प्रो. अशोक कंवर शेखावत ने कहा कि दहेज प्रथा सामाजिक असमानता, आर्थिक शोषण और महिलाओं के सम्मान के लिए गंभीर चुनौती है। उन्होंने कहा कि इस कुप्रथा का उन्मूलन केवल सामूहिक प्रयासों और समाज में जागरूकता बढ़ाने से ही संभव है। प्राध्यापकों और कर्मचारियों की रही सहभागिता कार्यक्रम में प्रो. वी.पी. सिंह, प्रो. अजय गुप्ता, प्रो. इकबाल, प्रो. अर्जुमंद, डॉ. कमलेश कुमार वर्मा, डॉ. मनीष सिंह चौहान, डॉ. आशीष भार्गव सहित महाविद्यालय के अन्य प्राध्यापक एवं कर्मचारी मौजूद रहे। सभी ने दहेज मुक्त भारत के निर्माण और महिला सम्मान को सशक्त बनाने के लिए सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया।
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दहेज के खिलाफ बुलंद हुई आवाज़:झालावाड़ पीजी कॉलेज में लिया दहेज मुक्त समाज का संकल्प
