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भास्कर न्यूज | अमृतसर अमरजीत सिंह चावला और बहरीन की महिला से जुड़े दुष्कर्म मामले को लेकर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान हरजिंदर सिंह धामी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। ‘अलायंस ऑफ सिख ऑर्गेनाइजेशन’ के बैनर तले एकजुट हुए सिख संगठनों ने धामी को 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। संगठनों का कहना है कि अगर धामी ने सार्वजनिक रूप से 5 सवालों के जवाब नहीं दिए, तो श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार से मिलकर उनसे इस्तीफा मांगने की अपील की जाएगी। संगठनों के सवाल हैं कि बहरीन की महिला को नियम-सिद्धांतों के खिलाफ 6 महीने तक एसजीपीसी की सरायों में क्यों ठहराया गया। अकाली नेताओं ने महिला के लिए बहरीन से टिकटों का इंतजाम क्यों किया। महिला को गाड़ी, ड्राइवर और वीआईपी सुविधाएं किसके कहने पर दी गईं। धर्म प्रचार कमेटी के खाते से 1 लाख रुपए नकद किसके निर्देश पर दिए गए। 21 अगस्त को केस दर्ज होने के बाद भी एसजीपीसी प्रधान एक महीने तक क्यों चुप रहे। विरोध के बीच एसजीपीसी के मुख्य सचिव कुलवंत सिंह मन्नण ने सिख संगठनों की मांग को अनुचित बताया। उन्होंने कहा कि एसजीपीसी की सब-कमेटी और पंजाब सरकार अपने-अपने स्तर पर मामले की जांच कर रही हैं। सब-कमेटी 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी, इसलिए फिलहाल संगठनों को रिपोर्ट आने तक का इंतजार करना चाहिए। मामले को लेकर अन्य पंथक संगठनों ने भी मोर्चा खोल दिया है। सिख थिंकर फोरम के राष्ट्रीय प्रधान एडवोकेट आरएस बिंद्रा और द सिख फोरम के प्रधान प्रो. हरि सिंह ने कहा कि इस घटना ने दुनिया भर के सिखों को शर्मसार किया है। हाई कोर्ट के रिटायर्ड सिख जज की अगुवाई में जांच कमेटी, विशेष जांच टीम के गठन और पंथक मुद्दों पर चर्चा के लिए ‘सरबत खालसा’ बुलाने की मांग की। जत्थेदार हवारा कमेटी के सिख नेताओं प्रोफेसर बलजिंदर सिंह, बापू गुरचरण सिंह,महाबीर सिंह सुल्तानविंड, डॉ. सुखदेव सिंह, बलदेव सिंह नवां पिंड, सुखराज सिंह वेरका इत्यादि ने एसजीपीसी प्रधान हरजिंदर धामी को भेजे पत्र में मामले की निष्पक्ष जांच करवाने की मांग की है। उक्त नेताओं ने धामी को पत्र लिखकर कहा कि इसकी जांच रिटायर्ड जजों और वकीलों के स्वतंत्र पैनल से कराई जानी चाहिए।
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दुष्कर्म मामला:सिख संगठनों का धामी को 72 घंटे का अल्टीमेटम, पांच सवालों के जवाब मांगे
